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Asian Games 4th Day: एक गोल्ड और चार ब्रॉन्ज के साथ 15 हुई भारत के पदकों की संख्या

August 23rd, 2018 11:10 IST
Asian Games 4th Day: एक गोल्ड और चार ब्रॉन्ज के साथ 15 हुई भारत के पदकों की संख्या

हाईलाइट

  • Asian Games 2018 Live updates।
  • एशियन गेम्स का आज चौैथा दिन।
  • पदक तालिका में भारत 7वें स्थान पर।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता और पालेमबांग में चल रहे एशियन गेम्स के चौथे दिन भारत की झोली में एक और गोल्ड आया है। राही सरनोबत ने 25 मीटर एयर पिस्टल में भारत को गोल्ड दिलाया है। इस गोल्ड के साथ ही भारत के एशियन गेम्स में 4 गोल्ड हो गए हैं। वहीं वुशु में भारतीय खिलाड़ियों ने चार ब्रॉन्ज जीते हैं। इस तरह कुल पदकों की संख्या 15 हो गई है। भारत इस समय पदक तालिका में सातवें स्थान पर है। एशियन गेम्स के चौथे दिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी धमाकेदार जीत दर्ज की है। इंडियन टीम ने हांगकांग को 26-0 से हराया है।

इससे पहले तीसरे दिन भारत ने 5 पदक अपने नाम किए थे। इनमें एक गोल्ड, एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज शामिल थे। दूसरे दिन तीन और पहले दिन दो पदक भारत की झोली में आए थे। इस तरह अब तक एशियन गेम्स में भारतीय दल ने चार गोल्ड, तीन सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
 

                                                                                                            LIVE UPDATES DAY- 4
 

06.39 PM : Wushu Men's Sanda 65 kg category- नरेन्द्र ग्रेवाल हारे। मिलेगा ब्रॉन्ज।

06.37 PM :Artistic Gymnastics- 138.050 पॉइंट्स के साथ भारतीय महिला टीम सातवें स्थान पर।

06.30 PM :Wushu Men's Sanda 60kg category- सुर्या भानू प्रताप ईरान के इरफान से 2-0 से हारे। भारत के खाते में आया ब्रॉन्ज।

06.20 PM :Wushu Men's Sanda 56kg category- भारत को एक और पदक। संतोष कुमार ने जीता ब्रॉन्ज।

06.15 PM : Greco-Roman 87 kg wrestling- भारत के हरप्रीत सिंह ब्रॉन्ज मेडल मैच हारे।

05.55 PM : वुशु में चीन की काई यिंग्यिंग से हारी रोशीबिना देवी। ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ेगा संतोष।

04.55 PM : टेनिस- मेन्स डबल के क्वार्टर फाइनल में भारत के सुमित नागल और रामकुमार रामानाथन की जोड़ी को कजाकिस्तान की जोड़ी ने हराया।

04.00 PM : आर्चरी कम्पाउंड मिक्स्ड टीम रैंकिंग राउंड में भारतीय टीम ने 2087 पॉइंट्स के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

3.00 PM : टेनिस- मेन्स डबल के क्वार्टर फाइनल में रोहन बोपन्ना और दिविज शरन ने चीनी ताइपे के यांग सुंग हुआ और शी चिनपेंग को 6-3, 5-7, 10-1 से हराया।

02:50 PM: हॉकी की इस जीत के साथ भारत ने अपना 86 साल पुराना अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, तब (1932) भारत ने यूएस को 24-1 से हराया था।

02:30 PM : राही सरनोबत ने 25 मीटर एयर पिस्टल में जीता गोल्ड।

02:15 PM: भारतीय हॉकी टीम ने रचा इतिहास, हॉन्गकॉन्ग को 26-0 से हराया।

01:40 PM: रेसलिंग: ग्रीको रोमन 97 किलोग्राम के क्वॉर्टरफाइनल में हरदीप को चीन के जीयो दी मात।

01:27 PM: रेसलिंग: ग्रीको रोमन 87 किलो सेमीफाइनल में हरप्रीत सिंह को उज़्बेकिस्तान के रुस्तम ने दी शिकस्त।

01:01 PM: हॉकी में भारत का शानदार प्रदर्शन, पूल मैच में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ स्कोर 11-0 से आगे।

12:53 PM: रेसलिंग: ग्रीको रोमन 87 किलोग्राम  क्वॉर्टरफाइनल में हरप्रीत सिंह ने जापान के सुमी मास्टो को धूल चटाई।

12:45 PM: रेसलिंग: ग्रीको रोमन 77 किलोग्राम  क्वॉर्टरफाइनल में ईरान के मोहम्मद अली ने गुरप्रीत सिंह को हराया।

12:41 PM: हॉकी: पूल मैच में हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ भारत की शानदार शुरूआत, स्कोर 5-0।

12:04 PM: रेसलिंग: ग्रीको रोमन (पुरुष) 77 किलोग्राम वर्ग 1/8 फाइनल में गुरप्रीत सिंह ने थाइलैंड के पहलवान नातल आपिचाई को दी मात।

11:50 AM: रेसलिंग: 87 किलोग्राम ग्रीको रोमन स्टाइल 1/8 फाइनल्स में हरप्रीत सिंह ने कोरिया के पार्क हीगन को दी करारी शिकस्त।

11:23 AM: टेनिस के पुरुष सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में उज्बेकिस्तान के जुराबेक कारिमोव ने भारत के रामकुमार रामनाथन को  6-3, 4-6, 3-6 से हराया।

11:04 AM: शूटिंग (महिला) - अंजुम मुदगिल और गायत्री नित्यानंदम 50 मीटर 3 पॉजिशन के फाइनल में जगह नहीं बना पाईं।

10:52 AM: एशियन गेम्स बोट रेस: भारतीय रोवर्स फाइनल में पहुंचे।

10:34 AM: 25 मीटर पिस्टल (महिला)- क्वॉलिफिकेशन राउंड में मनु भाकर पहले और रानी 7वें स्थान पर रहीं।

10:11 AM: अंकिता रैना ने हॉन्ग कॉन्ग की वॉन्ग चॉन्ग को 6-4, 6-1 से शिकस्त दी।

10:07 AM: टेनिस: भारत को एक और मेडल, अंकिता रैना महिला सिंगल्स क्वॉर्टरफाइनल 2 जीतकर सेमीफाइनल में।

10:00 AM: 25 मीटर पिस्टल (महिला) मनु भाकर और राही सरनोबत ने फाइनल में जगह बनाई।

09:52 AM: तैराकी: 4x100 मीटर फ्री स्टाइल रिले रेस के फाइनल में भारतीय टीम।

09:11 AM: वुशु खेल में भारत के 4 मेडल पक्के, शाम 5.30 बजे से खेले जाएंगे सेमीफाइनल मुकाबले।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।