comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

एशियन गेम्स : सिल्वर जीतने वाले शार्दुल प्रैक्टिस के लिए हर रोज करते थे 100 किमी सफर

August 24th, 2018 09:52 IST

हाईलाइट

  • 15 साल के भारतीय शूटर शार्दुल ने भारत के लिए 17वां मेडल जीता।
  • शार्दुल ने पुरुष डबल ट्रैप इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया।
  • भारत अब चार गोल्ड, चार सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज के साथ नौवें पोजिशन पर है।

डिजिटल डेस्क, पालेमबंग।  15 साल के भारतीय शूटर शार्दुल विहान ने 18वें एशियन गेम्स के पांचवे दिन भारत के लिए 17वां मेडल जीता। शार्दुल ने गुरुवार को पुरुष डबल ट्रैप इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया। वह फाइनल राउंड में बस एक अंक से गोल्ड जीतने से चूक गए। शार्दुल एशियन गेम्स की प्रैक्टिस के लिए प्रतिदिन सुबह 4 बजे अपने गांव से 100 किमी दूर दिल्ली स्थित करणी सिंह शूटिंग रेंज जाते थे। भारत अब चार गोल्ड, चार सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज के साथ नौवें पोजीशन पर है। 


शार्दुल ने फाइनल राउंड में 73 पाइंट्स हासिल किए। वहीं गोल्ड जीतने वाले कोरिया के 34 वर्षीय शिन हूनवो ने 74 अंक बनाए। यह एशियन गेम्स का सबसे बड़ा स्कोर भी है। एशियन गेम्स 2018 में शार्दुल कोई भी मेडल जीतने वाले तीसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनकी उम्र 20 वर्ष से कम है। इससे पहले लक्ष्य (सिल्वर) ने शूटिंग और सौरभ (गोल्ड) ने 10 मी एयर पिस्टल में मेडल जीता था।

क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप पर थे शार्दुल
शार्दुल क्वालिफिकेशन राउंड में 141 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर थे। वह एशियन गेम्स में डबल ट्रैप इवेंट में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय निशानेबाज हैं। उनसे पहले 2010 में रंजन सोढी ने गोल्ड और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। हालांकि इसी स्पर्धा में भारत के एक और शूटर अंकुर मित्तल ने भी हिस्सा लिया था पर उन्हें निराशा हाथ लगी। अंकुर ने क्वालिफिकेशन राउंड में 134 का स्कोर किया और वह नौवें स्थान पर रहे।



शार्दुल के पिता चाहते थे क्रिकेटर बने शार्दुल
शार्दुल का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सिवाया गांव में हुआ है। शार्दुल के पिता दीपक विहान चाहते थे कि उनका बेटा बड़ा होकर क्रिकेटर बने। उन्होंने शार्दुल को क्रिकेट के बाद बैडमिंटन की भी प्रैक्टिस करवाई। हालांकि दोनों ही जगह शार्दुल ने खुद को असहज महसूस किया। इसके बाद दीपक ने उन्हें राइफल एसोसिएशन भेजना शुरु किया।

बचपन से ही शूटिंग के लिए था जुनून, हासिल किए कई मेडल
9 साल की उम्र में शार्दुल ने नार्थ जोन की एक प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा। उन्होंने कुछ वर्ष बाद ही नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में एक दिन में चार गोल्ड मेडल जीते थे। उन्होंने तब उस वक्त के नेशनल चैंपियन रहे अंकुर मित्तल को भी पीछे छोड़ दिया था। यह उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि वह महज 15 साल की उम्र में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब हुए हैं।
 

कमेंट करें
7zUHm
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।