comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

IPL 2020: ऑस्ट्रेलियाई, इंग्लिश खिलाड़ियों के शुरुआती मैचों में खेलने पर संदेह

September 15th, 2020 08:51 IST
IPL 2020: ऑस्ट्रेलियाई, इंग्लिश खिलाड़ियों के शुरुआती मैचों में खेलने पर संदेह

हाईलाइट

  • आस्ट्रेलियाई, इंग्लिश खिलाड़ियों के शुरुआती मैचों में खेलने पर संदेह

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। किंग्स इलेवन पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश मेनन ने सोमवार को कहा कि आईपीएल के आगामी सीजन के लिए ग्रेट ब्रिटेन से एक बायो सिक्योर बबल से दूसरे में खिलाड़ियों का लाना संभव हो सकेगा या नहीं इस बात को लेकर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। इंग्लैंड और आस्ट्रेलियाई टीमें इस समय इंग्लैंड में वनडे सीरीज खेल रही हैं। ऐसी खबरें थीं कि इन दोनों टीमों के खिलाड़ियों को यूएई के नियमों के हिसाब से क्वारंटीन रहना होगा लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स के सीईओ वैंकी मैसूर ने इस पर विराम चिन्ह लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी टीम में शामिल इन देशों के खिलाड़ी टीम के शुरुआती मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मैसूर ने कहा था कि खिलाड़ियों को क्वारंटीन में रहने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि खिलाड़ी एक बबल से दूसरे बबल में आ रहे हैं। लेकिन मेनन इसे लेकर आश्वास्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, किसी के पास इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। बीसीसीआई को बताना था कि चूंकि खिलाड़ी एक बबल से दूसरे बबल में आ रहे हैं तो क्या क्वारंटीन समय कम हो सकता है कि नहीं। हमारे पास अभी तक किसी चीज को लेकर स्पष्टता नहीं है।

पंजाब में आस्ट्रेलिया के ग्लैन मैक्सवेल और इंग्लैंड के क्रिस जोर्डन हैं जो इस समय वनडे सीरीज में खेल रहे हैं। पंजाब को अपना पहला मैच 20 सितंबर को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलना है। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज इस समय 1-1 की बराबरी पर है और सीरीज का आखिरी मैच खेला जाना है। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज इस समय 1-1 की बराबरी पर है और सीरीज का आखिरी मैच खेला जाना है।

मेनन ने कहा, मैं बबल में से जो सुना है, वो यह है कि चीजें ठीक उसी तरह हो रही हैं जिस तरह प्लान की गई थीं। हम एसओपी का पालन कर रहे हैं जिसे बीसीसीआई ने और आधिकारियों ने तैयार किया है। अबु धाबी में सिर्फ मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स हैं बाकी टीमें दुबई में हैं जहां कोविड-19 पॉजिटिव के अलावा किसी के लिए भी क्वारंटीन में रहना अनिवार्य नहीं है। पंजाब ने अभी तक आईपीएल नहीं जीता है। इस पर मेनन ने कहा, हमें उम्मीद है कि हम इस बार खिताब जीतेंगे। यह प्रारूप ऐसा है जहां कुछ भी हो सकता है।

कमेंट करें
vwCjm
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।