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Australian Open 2020: जोकोविच, सितसिपास, नाओमी और बार्टी टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में, 15 साल की गौफ भी अगले दौर में पहुंची

Australian Open 2020: जोकोविच, सितसिपास, नाओमी और बार्टी टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में, 15 साल की गौफ भी अगले दौर में पहुंची

हाईलाइट

  • ओसाका ने विमेंस सिंगल्स के दूसरे राउंड के मुकाबले में झेंग को 6-2 6-4 से हराया
  • बार्टी ने दूसरे राउंड के मैच में हरकोग को 6-1, 6-4 से मात दी
  • तीसरे राउंड में ओसाका का मुकाबला 15 साल की कोको गौफ से होगा

डिजिटल डेस्क। डिफेंडिंग चैंपियन नाओमी ओसाका ने बुधवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में प्रवेश कर लिया है। जापान की ओसाका ने विमेंस सिंगल्स के दूसरे राउंड के मुकाबले में चीन की झेंग सैसाई को 6-2 6-4 से मात देकर टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में प्रवेश किया था। अगले राउंड में ओसाका का मुकाबला कोको गौफ से होगा। ओसाका ने इस साल के टूर्नामेंट में अब तक एक भी सेट नहीं गंवाया है। इस जीत के बाद ओसाका ने कहा, मुझे लगता है कि मैंने अमेरिकी ओपन के बाद से काफी अनुभव हासिल किया है। मेरे लिए यह एक नया टूर्नामेंट है।

वहीं सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने मेंस सिंगल्स के दूसरे राउंड में जापान के ततसुमा इतो को 6-1, 6-4, 6-2 से मात देकर टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में प्रवेश किया। अगले राउंड में जोकोविच का सामना जापान के एक अन्य खिलाड़ी योशिहितो निशियोका से होगा। जोकोविच ने अपने करियर की 901वीं जीत के साथ बीते 14 साल में 13वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में जगह बनाई है।

बार्टी भी तीसरे राउंड में पहुंची
वहीं विमेंस सिंगल्स में ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी ने भी तीसरे राउंड में अपनी जगह पक्की कर ली है। बार्टी ने दूसरे राउंड के मैच में स्लोवेनिया की पोलोना हरकोग को 6-1, 6-4 से मात देकर तीसरे राउंड में प्रवेश किया। 

15 साल की कोको गौफ तीसरे राउंड में
अमेरिका की युवा टेनिस खिलाड़ी 15 साल की कोको गौफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में प्रवेश किया। उन्होंने दूसरे राउंड के मैच में रोमानिया की सोरना सिर्स्टी को 4-6, 6-3, 7-5 से मात देकर तीसरे राउंड में अपनी जगह पक्की की। इससे पहले गौफ ने पहले राउंड में वीनस विलियम्स को मात देकर टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर किया था। 

स्टेफानोस सितसिपास को वॉक ओवर मिला
वहीं मेंस सिंगल्स में ग्रीक के स्टेफानोस सितसिपास को वॉक ओवर मिला। इसी के साथ उन्होंने तीसरे राउंड में प्रवेश किया। उनका जर्मनी के फिलिप कोह्ल्श्राइबर से मुकाबला था, जो मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैच से बाहर हो गए।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।