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धोनी बनने की कोशिश न करें, अपना बेस्ट दें पंत : एडम गिलक्रिस्ट

November 05th, 2019 17:28 IST
धोनी बनने की कोशिश न करें, अपना बेस्ट दें पंत : एडम गिलक्रिस्ट

हाईलाइट

  • पंत की तुलना धोनी से न करें : एडम गिलक्रिस्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट ने भारतीय प्रशंसकों और मीडिया को सलाह देते हुए कहा है कि वह युवा ऋषभ पंत की तुलना दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी से न करें। गिलक्रिस्ट ने पंत को भी सलाह देते हुए कहा है कि वह धोनी से जितना सीख सकते हैं, सीखें लेकिन उनके जैसा बनने की कोशिश न करें। पंत को धोनी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन हालिया दौर में वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके हैं। वह जब भी विफल होते हैं, उनकी तुलना सीधे धोनी से की जाती है।

गिलक्रिस्ट इस समय भारत में हैं। वह वेस्टर्न आस्ट्रेलिया के पर्यटन को बढ़ावा की मुहिम के तहत भारत आए हैं। अगले साल आस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप खेला जाना है और वेस्टर्न आस्ट्रेलिया के ही शहर पर्थ के ओप्टस स्टेडियम में भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच खेलना है। गिलक्रिस्ट वेस्टर्न आस्ट्रेलिया के प्रीमियर मार्क मैक्गोवन के साथ अपने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत में हैं।

गिलक्रिस्ट ने मंगलवार को कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं द्वारा पंत के ऊपर पूछे गए सवाल पर कहा, भारतीय प्रशंसकों और पत्रकारों को मेरी नंबर-1 सलाह है कि वह पंत और धोनी की तुलना नहीं करें। धोनी शानदार हैं उनके जैसा कोई नहीं है। मेरा निजी अनुभव है। मैं जब टीम में आया था तब इयन हिली आस्ट्रेलिया के दिग्गज कीपर हुआ करते थे। उनके बाद में आया। मैंने हिली से सीखने की कोशिश की लेकिन उनके जैसा बनने की नहीं। मैं पंत से यही कहूंगा कि धोनी से जितना सीख सकते हो सीखो, लेकिन धोनी जैसा बनने की कोशिश नहीं करो, बल्कि पंत बनो।

आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिन-रात टेस्ट मैच खेला था। भारत ने इसके लिए शुरुआती दौर में रजामंदी नहीं दी थी, लेकिन पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष बनने के बाद भारत ने इस ओर कदम बढ़ाया और अब 22 से 26 नवंबर के बीच भारत कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला दिन-रात प्रारूप का टेस्ट मैच खेलेगी।

गिलक्रिस्ट को उम्मीद है कि भारत अपने अगले आस्ट्रेलिया दौरे पर दिन-रात टेस्ट मैच भी खेलेगी। दिन-रात प्रारूप पर पूर्व विकेटकीपर ने कहा, मुझे उम्मीद है कि भारत अपने अगले आस्ट्रेलिया दौरे पर दिन-रात टेस्ट मैच होगा। मैं दिन-रात को पहले ज्यादा पसंद नहीं करता था, लेकिन अब मैं इसके सकारात्मक प्रभाव देखता हूं जो टेस्ट क्रिकेट को फायदा पहुंचाएंगे। इस दौर के खिलाड़ियों ने इसे पसंद किया है।

टेस्ट चैम्पियनशिप पर बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, टेस्ट चैम्पियनशिप के लाने से पता चलता है कि आईसीसी की कोशिश है कि हर टेस्ट मैच की अहमियत हो। टीम अगर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पीछे भी है तो टेस्ट चैम्पियनशिप में मिलने वाले अंकों के हिसाब से वह तीसरे टेस्ट मैच को हल्के में नहीं लेगी और जीतने की कोशिश करेगी। इस चक्र को देखना बेहद रोचक होगा। खिलाड़ियों को यह पसंद भी आ रहा है। हां यह इसकी गांरटी नहीं दे सकती कि इससे मैदान पर दर्शक आएंगे। टेस्ट की अपनी अलग दर्शक श्रेणी है।

बीसीसीआई अपनी घरेलू टी-20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पावर प्लेयर का नियम लाने पर बात कर रहा है। इस नियम के मुताबिक टीम मैच में कभी भी ओवर खत्म होने के बाद या विकेट गिरने के बाद खिलाड़ी को बदल सकती हैं। इस नियम के तहत टीमों को 11 खिलाड़ियों की घोषणा नहीं करनी होगी, बल्कि 15 खिलाड़ियों के नाम चुनने होंगे।

इस नियम पर गिलक्रिस्ट ने कहा कि टी-20 प्रयोग के लिए सही मंच है। उन्होंने कहा, किसी भी नियम को लागू करने से पहले हम एक क्रिकेट बॉडी के तौर पर यह समझते हैं कि यह काम करेगा या नहीं करेगा। आईपीएल बड़ा टूर्नामेंट है, लेकिन टी-20 क्रिकेट प्रयोग करने के हिसाब से अच्छा प्लेटफॉर्म है और अगर यह काम नहीं करता है तो हम इसे वापस ले सकते हैं। इसमें प्रयोग करने में हर्ज नहीं है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।