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क्रिकेट: मयंक ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण से पहले द्रविड़ के शब्दों ने मेरा हौसला बनाए रखा

May 19th, 2020 17:39 IST
क्रिकेट: मयंक ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण से पहले द्रविड़ के शब्दों ने मेरा हौसला बनाए रखा

हाईलाइट

  • अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण से पहले द्रविड़ के शब्दों ने मेरा हौसला बनाए रखा : मयंक

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। भारतीय सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने कहा है कि आस्ट्रेलिया में टेस्ट में पदार्पण करने से पहले पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के साथ बातचीत ने उन्हें नकारात्मक विचारों से दूर रखा। मयंक ने 2018-19 सीरीज में मेलबर्न क्रिकेट ग्रांउड (एमसीजी) पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट से अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी।

मयंक ने अपने पदार्पण टेस्ट में ही आस्ट्रेलिया की घातक गेंदबाजी के खिलाफ 76 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद से वह टेस्ट में नियमित रूप से भारतीय टीम के सदस्य बने हुए हैं। उन्होंने अब तक खेली 17 पारियों में 57.29 के औसत से 974 रन बनाए हैं। इसमें चार अर्धशतक और तीन शतक शामिल हैं। ईएसपीएन क्रिकइंफो ने मयंक का संजय मांजरेकर के साथ जारी बातचीत का वीडियो पोस्ट किया है।

मयंक ने इस वीडियो में कहा, आप जानते हैं कि मैं रन बना रहा था। मैंने रणजी सीजन में और इंडिया-ए के लिए भी काफी रन बनाए थे। मैंने राहुल भाई से बात की थी और मैंने उन्हें बताया था कि भारतीय टीम में नहीं चुने जाने से मैं निराश हो रहा हूं। उन्होंने कहा, मुझे अच्छी तरह से याद है कि उन्होंने मुझसे कहा था कि मयंक ये चीजें तुम्हारे हाथ में नहीं है। तुमने मेहनत की और यहां तक पहुंचे। तुम जितने पास जा सकते थे, गए। चयन तुम्हारे हाथ में नहीं है।

भारत के लिए तीन वनडे मैच खेलने वाले मयंक ने आगे कहा, मैं पूरी तरह से उनसे सहमत हूं। ये बातें सैद्धांतिक रूप से समझ में तो आती हैं, लेकिन व्यवहारिक तौर पर इन्हें समझना मुश्किल होता है। उन्होंने कुछ बातें मेरे सामने रखीं और वे ये कि आने वाला अक्टूबर और नवंबर, सितंबर से अलग नहीं होने जा रहा है। अगर नकारात्मक सोच के साथ खेलोगे तो नुकसान तुम्हारा ही होगा। मुझे अभी भी उनकी बात याद है जो मेरे लिए प्रेरणा बनी।

उन्होंने कहा, जब मैं टीम में चुना गया तो बहुत खुश था । मैंने उन्हें फोन करके धन्यवाद दिया। मैंने सोचा नहीं था कि मैं खेलने जा रहा हूं या नहीं, लेकिन मैं भारतीय टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश था।

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