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FIFA WC : 28 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची इंग्लैंड, क्रोएशिया ने रूस को हराया

July 08th, 2018 16:30 IST
FIFA WC : 28 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची इंग्लैंड, क्रोएशिया ने रूस को हराया

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। FIFA World Cup 2018 में शनिवार को खेले गए तीसरे क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने स्वीडन को 2-0 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम 28 साल बाद फीफा वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। वहीं मेजबान रूस पेनल्टी शूट आउट में क्रोएशिया से 4-3 से हारकर बाहर हो गया। क्रोएशिया 20 साल बाद सेमी फाइनल में पहुंची है। 

पहले हाफ में जहां मैग्वायर ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई थी, वहीं दूसरे हाफ में डेली अली ने बढ़त को डबल कर दिया। इंग्लैंड की जीत में गोलकीपर पिकफर्ड का भी अहम रोल रहा, जिन्होंने दूसरे हॉफ में तीन दमदार बचाव किए। इंग्लैंड अब सेमीफाइनल में क्रोएशिया और रूस के बीच होने वाले चौथे क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा।



पहले हाफ में इंग्लैंड ने जबरदस्त अटैकिंग खेल दिखाया। वहीं स्वीडन ने अपने डिफेंड करने की स्ट्रैटजी को इस मैच में भी बरकरार रखा। इंग्लैंड को 21वें मिनट में मैच का बेस्ट चांस मिला जब हैरी केन ने एक शानदार शॉट लिया पर वह स्वीडन के डिफेंडर के पैर से लगकर बाहर चली गई। मैच के 30वें मिनट में इंग्लैंड को मिले एक पेनल्टी कॉर्नर पर एश्ले यंग के शानदार क्रॉस पर मैग्वायर ने हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। मैग्वायर का यह इंटरनेशनल मैच में पहला गोल था। हॉफ टाइम से कुछ मिनट पहले इंग्लैंड को मैच का दूसरा गोल करने का सबसे बेहतरीन मौका मिला जब ट्रीपर ने रहीम स्टरलिंग को एक बेहतरीन पास दिया। उस वक्त स्टरलिंग स्वीडन के गोलकीपर से वन टू वन थे लेकिन वे इस मौके को भूना न सके। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा।
 



दूसरे हाफ के शुरू होते ही उम्मीद की जा रही थी कि स्वीडन की टीम बेहतर खेल दिखाएगी क्योंकि स्वीडन ने इस वर्ल्डकप में अपने 6 गोल में से 5 गोल सेकंड हाफ में किए थे। स्वीडन गेम में पेस पकड़ ही रहा था कि मैच के 59वें मिनट में जेसी लिंगार्ड के एक लोफ्टेड क्रॉस पर डेली अली ने हेडर से गोल कर इंग्लैंड को 2-0 की लीड दिला दी। 2 गोलों से पिछड़ने के बाद स्वीडन की टीम उबर नहीं सकी और मुकाबला हार गई। हालांकि स्वीडन ने दूसरे हॉफ में 4 से 5 अच्छे मौके बनाए, लेकिन इंग्लिश गोलकीपर की मुस्तैदी ने स्वीडन  के इन अटैक्स को नाकाम कर दिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंग्लैंड का अब तक के वर्ल्डकप में यह सबसे कम्प्लीट परफॉर्मेंस रहा है। मैच में इंग्लैंड की टीम ने 12 शॉट अटेम्प्ट किए, जिसमें से 2 ऑन टार्गेट रहे। वहीं स्वीडन ने 7 शॉट अटेम्प्ट किए, जिसमें से 3 ऑन टार्गेट थे। इंग्लैंड ने 7 फाउल किए वहीं स्वीडन ने 10 फाउल किए। मैच में इंग्लैंड का बॉल पज़ेशन 56% रहा, वहीं स्वीडन का बॉल पज़ेशन 44% रहा। मैच में कुल 3 यलो कार्ड दिए गए।
 



बता दें कि दोनों टीमें इससे पहले 23 बार भिड़ी थी, जिसमें दोनों ही टीमों ने 7-7 मैच जीते थे और 9 मैच ड्रॉ रहे थे। दोनों में से किसी भी टीम ने पिछले 25 साल में एक बार भी सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं किया था। जहां स्वीडन ने अपना आखिरी सेमीफाइनल मैच 1994 में खेला था, वहीं इंग्लैंड 1990 वर्ल्डकप में इस स्टेज तक पहुंच पायी थी।

स्वीडन की टीम ने अपने स्ट्रांग डिफेंस और सेट पीसेस के दम पर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई थी। वहीं इंग्लैंड अपने करिश्माई कोच गैरी साउथगेट के स्ट्रेटजी और युवा स्टार खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के दम पर अंतिम 8 में पहुंची थी। राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में स्वीडन ने फोर्सबर्ग के बेहतरीन गोल की मदद से स्विट्ज़रलैंड को 1-0 से हराया था, जबकि इंग्लैंड ने प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया था। अब तक के वर्ल्डकप में चार पेनल्टी शूटआउट में यह इंग्लैंड की पहली जीत थी।

स्वीडन की टीम आज अपने सबसे बेहतरीन डिफेंडर माइकल लस्टिंग के बिना उतरी थी, जो कि दो यलो कार्ड पाने की वजह से एक मैच का सस्पेंशन झेल रहे थे। उधर, गैरी साउथगेट की इंग्लैंड टीम अपने पिछले मैच के विनिंग काम्बिनेशन के साथ मैदान में उतरी थी।

स्वीडन: रॉबिन ओल्सन, एमिल क्राफ्ट, विक्टर लिंडलोफ, एंड्रियास ग्रैनक्विस्ट, लुडविग ऑगस्टिंसन, विक्टर क्लेसन, सेबेस्टियन लार्सन, अल्बिन एकडल, एमिल फोर्सबर्ग, मार्कस बर्ग, ओला तोइवोनेन

इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड, केली वॉकर, जॉन स्टोन्स, हैरी मैग्वायर, किरन ट्रिप्पीयर, डेले, जॉर्डन हैंडर्सन, जेसी लिंगर्ड, एशले यंग, रहेम स्टर्लिंग, हैरी केन

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।