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AUS VS IND: प्रथम श्रेणी के भारतीय गेंदबाज, नेट्स प्रेक्टिस के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजे गए

November 17th, 2020 09:25 IST
AUS VS IND: प्रथम श्रेणी के भारतीय गेंदबाज, नेट्स प्रेक्टिस के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजे गए

हाईलाइट

  • प्रथम श्रेणी के भारतीय गेंदबाज, नेट्स प्रेक्टिस के लिए आस्ट्रेलिया भेजे गए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में प्रथम श्रेणी क्रिकेट शुरू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है और इससे भारतीय टीम के लिए अपने प्रथम श्रेणी गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया भेजना आसान हो गया है ताकि ये गेंदबाज वहां जाकर भारतीय बल्लेबाजों को नेट्स पर अभ्यास करा सके। घरेलू क्रिकेट सीजन की अभी घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगले साल जनवरी में इसके शुरू होने की संभावना है, जब तक भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा खत्म हो जाएगा।

भारत ने कमलेश नागरकोटी, कार्तिक त्यागी, इशान पोरेल और टी. नजटरान को नेट्स गेंदबाज के रूप में ऑस्ट्रेलिया भेजा है। नागरकोटी को हालांकि बीसीसीआई के वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण इससे वापस बुलाना पड़ा है। बीसीसीआई ने हाल के वर्षो में यह महसूस किया है कि विदेशी दौरों पर टीम के साथ नेट्स गेंदबाज को भेजे जाने की जरूरत है ताकि ये गेंदबाज उन्हें नेट्स पर अभ्यास करा सकें।

महेंद्र सिंह धोनी ने 2013 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के समय कहा था, हम हमेशा इन (गैर-अंतर्राष्ट्रीय या गैर-प्रथम श्रेणी) नेट गेंदबाजों को हर जगह ले जाते हैं। बीसीसीआई ने नेट्स गेंदबाजों के स्तर को ध्यान में रखते हुए हाल के टूर्नामेंटों में अपने गेंदबाज भेजे हैं। इनमें पिछले साल खेले गए विश्व कप और अब ऑस्ट्रेलिया दौरा भी शामिल है। दूसरी तरफ, मेजबान ऑस्ट्रेलिया अपने अंडर-19 क्रिकेटरों को ही नेट्स गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल कर रहा है क्योंकि वो अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता या फिर टी-20 बिग बैश लीग को प्रभावित नहीं करना चाहता है।

ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने हाल में संवाददाता सम्मेलन में कहा था, हम यहां कुछ अलग करने जा रहे हैं। हम बिग बैश के महत्व को समझते हैं इसलिए मैं कल्पना नहीं कर सकता। हम अपनी टीम को यथासंभव कम करने या कोविड प्रोटोकॉल का सम्मान करने की कोशिश करेंगे। हमारे पास अपने सर्वश्रेष्ठ अंडर-19 गेंदबाजों को लाने का अवसर हो सकता है। हमने हैम्पशायर में वास्तव में अच्छा प्रभाव डाला है। हमारे पास छह युवा हैम्पशायर गेंदबाज थे।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।