दैनिक भास्कर हिंदी: FIFA World Cup में बड़ा उलटफेर, 80 साल बाद जर्मनी पहले राउंड से बाहर

June 28th, 2018

हाईलाइट

  • कोरिया रिपब्लिक ने डिफेंडिंग चैंपियन जर्मनी को 2-0 से हराकर वर्ल्डकप से बाहर कर दिया है।
  • यह 80 साल में पहली बार है जब जर्मनी राउंड ऑफ 16 के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई है।
  • यह 6वीं बार है, जब कोई डिफेंडिंग चैंपियन विश्वकप के पहले राउंड में ही बाहर हुई हो।

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। कोरिया रिपब्लिक ने डिफेंडिंग चैंपियन जर्मनी को 2-0 से हराकर वर्ल्डकप से बाहर कर दिया है। कज़ान एरेना में खेले गए ग्रुप F के इस मैच में कोरिया रिपब्लिक ने शानदार खेल दिखाते हुए वन ऑफ दी फेवरेट मानी जा रही जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखाया है। यह 80 साल में पहली बार है जब जर्मनी राउंड ऑफ 16 के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई है। यह 6वीं बार है, जब कोई डिफेंडिंग चैंपियन विश्वकप के पहले राउंड में ही बाहर हुई हो। पिछले तीन वर्ल्डकप से यह लगातार हो रहा है।

कोरिया रिपब्लिक से हारकर भी जर्मनी राउंड ऑफ-16 में पहुंच सकती थी, लेकिन उसके लिए ग्रुप  F के दूसरे मुकाबले में स्वीडन की हार जरूर थी, जो संभव न हो सका। स्वीडन ने अपना मुकाबला मैक्सिको को 3-0 से हराकर जीत लिया।  स्वीडन ने शानदार खेल दिखाते हुए मैक्सिको को शिकस्त दी। इस जीत के साथ स्वीडन जहां ग्रुप विनर के रूप में राउंड ऑफ 16 में पहुंचा है। वहीं मैक्सिको ने दूसरे स्थान पर रहते हुए राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह बनाई है। बता दें कि मैक्सिको ने लगातार 7वीं बार राउंड ऑफ 16 के लिए क्वालिफाई किया है।

ऐसे बाहर हुई जर्मनी
मैच की शुरुआत से ही जर्मनी का खेल दमदार रहा। पहले हॉफ से ही जर्मन खिलाड़ियों ने अच्छे मुव्स बनाए, लेकिन उन्हें गोल में तब्दील करने में कामयाब न हो सके। इस दौरान जर्मन डिफेंस लाइन बेहद कमजोर दिखाई दी। जर्मनी के डिफेंडरो ने बेहद आसानी से कोरियन फॉरवर्ड प्लेयरों को गोल पोस्ट पर अटैक करने के मौके दिए। हालांकि जर्मन टीम ने ज्यादातर समय तक बॉल को अपने पास रखा।

पहले हॉफ में जर्मनी ने 6 अटेम्प्ट किए पर एक भी गोल में तब्दील न हो सका। हॉफ टाइम तक दोनों टीमें गोल रहित थी। दूसरे हॉफ के शुरुआत से ही जर्मनी ने कोरिया रिपब्लिक के गोल पर लगातार अटैक किए, लेकिन कोरियाई गोलकिपर ने शानदार बचाव किए। जर्मनी के फॉरवर्ड खिलाड़ी गोमेज कई आसान मौकों पर चूक गए, वहीं हमेल्स के भी 3 हेडर कोरियाई गोल पोस्ट के दाएं-बाएं से निकल गए। 90वें मिनट तक जर्मनी और कोरिया रिपब्लिक के बीच यह मुकाबला बिना किसी गोल के बराबरी पर था।

ग्रुप-F के दूसरे मुकाबले में स्वीडन की 3-0 की बढ़त के बाद जर्मनी को राउंड ऑफ 16 में पहुंचने के लिए बस एक गोल की दरकार थी। इसे देखते हुए स्टॉपेज टाइम में जर्मन टीम पूरी तरह से अटैकिंग मोड में थी, लेकिन कोरिया रिपब्लिक ने इसमें जर्मन डिफेंस की खामियां ढूंढी और एक के बाद एक 2 गोल कर डाले। डिफेंडिंग चैंपियन से इस बार उनके दुनियाभर के प्रशंसकों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन सभी को निराशा हाथ लगी। मैच के बाद जर्मन दर्शक स्टेडियम में रोते-बिलखते देखे गए।

स्वीडन ने बनाई राउंड ऑफ-16 में जगह
मैक्सिको के खिलाफ स्वीडेन ने उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर खेल दिखाया। पहले हॉफ में दोनों ही टीमों ने बराबरी का खेल दिखाया। हॉफ टाइम तक मैच बिना किसी गोल के बराबर रहा।  दूसरे हॉफ में स्वीडन के ऑगस्टिनसन ने 50वें मिनट में गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद 62वें मिनट में स्वीडन के कप्तान ग्रेनक्यूविस्ट ने गोल कर टीम को 2-0 की लीड दिला दी। इस गोल से स्वीडन लगभग क्वालिफाई कर चुकी थी। वहीं मैक्सिको पर बाहर होने का खतरा भी मंडरा रहा था। मैच के 74वें मिनट में मैक्सिको के अलवारेज ने आत्मघाती गोल कर स्वीडन की बढ़त को 3-0 कर दिया। विसल बजने तक स्वीडन ने अपनी यह बढ़त बरकरार रखी और मैच जीत लिया। स्वीडन की इस जीत के बाद स्टेडियम में मौजूद स्वीडीश दर्शक जमकर नाचते-गाते देखे गए।

मैक्सिको भी हो सकता था बाहर
एक ही समय पर शुरू हुए यह दोनों मुकाबले उस समय बेहद रोचक स्थिति में पहुंच गए, जब स्वीडन ने मैक्सिको के खिलाफ एक के बाद एक 3 गोल कर दिए। स्वीडन की 3-0 की बढ़त के बाद 2 मैच जीतकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की मानने वाला मैक्सिको भी दबाव में आ गया। अगर जर्मनी यहां एक भी गोल कर कोरिया रिपब्लिक से मैच जीत लेती तो मैक्सिको को गोल अंतर के आधार पर वर्ल्डकप से बाहर होना पड़ता। स्वीडन की 3-0 की बढ़त के समय जर्मनी और मैक्सिको के बीच मुकाबला 0-0 से ड्रॉ चल रहा था। राउंड ऑफ-16 में पहुंचने के लिए जर्मनी को यहां बस एक गोल की दरकरार थी, जो कोरियाई डिफेंडरों ने पूरी नहीं होने दी और इससे मैक्सिको को राउंड ऑफ-16 में जगह बनाने में कामयाबी मिल गई।

कोरिया भी पहुंच सकता था राउंड ऑफ-16 में 
कोरिया रिपब्लिक भी ग्रुप-F से राउंड ऑफ-16 में पहुंचने की दौड़ में था। कोरिया ने अपनी ओर से पूरी कोशिश भी की और जर्मनी को 2-0 से हरा दिया, अगर मैक्सिको, स्वीडन को एक गोल के डिफरेंस से भी हरा देता तो कोरिया रिपब्लिक ग्रप-F की पाइंट टेबल में दूसरे स्थान पर आ जाता। इस स्थिति में मैक्सिको के साथ-साथ कोरिया रिपब्लिक भी वर्ल्डकप के नॉक आउट स्टेज में पहुंच सकता था।