दैनिक भास्कर हिंदी: हिमा दास ने कहा- उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्द अर्जुन अवार्ड मिलेगा

September 19th, 2018

हाईलाइट

  • हिमा दास ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा जाएगा।
  • हिमा ने बुधवार को एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगा था कि यह पुरस्कार उन्हें अगले साल मिल सकता है।
  • हिमा बीते दिनों वर्ल्ड लेवल पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुई हैं।

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2018 में दो सिल्वर जीतने वाली हिमा दास ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उन्हें अर्जुन अवार्ड से नवाजा जाएगा। हिमा ने बुधवार को एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगा था कि यह पुरस्कार उन्हें अगले साल मिल सकता है। हिमा बीते दिनों वर्ल्ड लेवल पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब हुई हैं। इसका इनाम देते हुए भारत सरकार ने हिमा को सोमवार को अजुर्न अवॉर्ड के लिए नामित किया है।

हिमा ने कहा, 'यह सीजन खत्म हो चुका है। मुझे अगले सीजन साउथ एशियन खेल, एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेना है। मेरा लक्ष्य इन सभी इवेंट को जीतने का है। अब लोगों को मुझसे काफी उम्मीदें हैं। इसलिए मेरा ध्यान केवल इन टूर्नामेंट्स की तैयारी पर है। मैं चाहती हूं कि सिर्फ यह टूर्नामेंट्स ही नहीं, बल्कि आने वाले सभी टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार कर सकूं।'

फेवरेट रेस के बारे में पूछे जाने पर हिमा ने कहा कि इस साल फिनलैंड में वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप उनकी पसंदीदा रेस रही। वहीं एशियन गेम्स के सेमीफाइनल को भी उन्होंने फेवरेट बताया। हिमा ने कहा कि सेमीफाइनल में जब वह रेस के लिए पहुंची तो वहां बारिश शुरू हो गई थी। हिमा ने कहा, 'मैंने एशियन गेम्स में 50.79 सेकंड का समय निकाला। मुझे कॉम्पिटीशन बहुत पसंद है। मुझे अपने परफॉर्मेंस को बेहतर कर रेकॉर्ड बनाना अच्छा लगता है।'

हिमा ने इसके साथ ही भारत की एथलीट कोच गालिना पेट्रोवा बुखारिना की भी तारीफ की। हिमा ने कहा, 'वह हमारी काफी हेल्प करती हैं। उन्होंने ओलम्पिक खेला है। हमें कभी-कभी उन्हें समझ नहीं पाते और बाद में हमें पता चलता है कि उनके कहने का मतलब क्या था। हमें वह हमेशा प्रेरित करती रहती हैं।'

बता दें कि असम की इस 18 वर्षीय एथलीट ने अप्रैल में भारत को पहली बार आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल दिलाया था। हिमा ने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने यह दौड़ 51.46 सेकंड में पूरी की थी। हिमा दास की इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी थी। वहीं एशियन गेम्स में उन्होंने दो सिल्वर और एक गोल्ड सहित तीन मेडल अपने नाम किए थे।