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Future Plan: अजहरुद्दीन ने कहा, मौका मिलने पर भारतीय टीम का कोच बनने के लिए तैयार हूं

June 16th, 2020 10:30 IST
Future Plan: अजहरुद्दीन ने कहा, मौका मिलने पर भारतीय टीम का कोच बनने के लिए तैयार हूं

हाईलाइट

  • मौका मिलने पर भारतीय टीम का कोच बनने के लिए तैयार हूं : अजहरुद्दीन

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा है कि भविष्य में अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनने के लिए तैयार हैं। अजहरुद्दीन ने गल्फ न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा, हां, मैं उन्हें अपनी सेवा देने के लिए तैयार हूं। अगर मुझे भारतीय क्रिकेट टीम के साथ काम करने का मौका मिलता है तो मैं पलक झपकाए बिना इसे लपकने के लिए तैयार हूं।

मौजूदा समय में रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच हैं और उनका कार्यकाल 2021 में होने वाले टी 20 विश्व कप तक का है। अजहरुद्दीन ने इस बात पर हैरानी जताई कि आज के समय में कई सारे सपोर्ट स्टाफ टीम के साथ यात्रा करते हैं। मौजूदा समय में हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) के अध्यक्ष अजहरुद्दीन ने कहा, मैं इस चीज को देखकर हैरान हूं कि इन दिनों कई लोग क्रिकेट टीम के साथ यात्रा करते हैं। उदाहरण के लिए, मेरी विशेषज्ञता बल्लेबाजी और फील्डिंग में है और अगर मैं किसी टीम का कोच हूं तो फिर मुझे एक बल्लेबाजी कोच की भला क्या जरूरत है।

अजहरुद्दीन ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल), जिसे कोरोना के कारण स्थगित कर दिया गया था, के लिए साल के अंत में एक विंडो होगी। आस्ट्रेलिया में होने वाला टी 20 विश्व कप अगर अपने तय कार्यक्रम पर नहीं हो पाता है तो बीसीसीआई इसे अक्टूबर में कराने पर काम कर रही है। पूर्व कप्तान ने कहा, मुझे उम्मीद है कि लीग को साल के अंत तक एक विंडो मिल सकती है, जहां हमें न्यूनतम सात मैचों की मेजबानी मिल सकती है। लीग ने पिछले 10-12 वर्षों में खेल को बहुत कुछ दिया है।

भारत के लिए 99 टेस्ट मैचों में 6215 और 334 वनडे मैचों में 9378 रन बनाने वाले पूर्व कप्तान ने कहा, यह एक ऐसा मंच है जहां क्रिकेटर जल्दी नजर में आ जाते हैं अगर वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो। अगर आईपीएल नहीं होता तो हार्दिक पंड्या या जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी अभी भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में संघर्ष कर रहे होते।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।