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ICC ODI Ranking : 27 साल बाद किसी क्रिकेटर ने छुआ 911 का जादुई आंकड़ा

July 19th, 2018 15:13 IST
ICC ODI Ranking : 27 साल बाद किसी क्रिकेटर ने छुआ 911 का जादुई आंकड़ा

हाईलाइट

  • कप्तान विराट कोहली 911 पाइंट्स के साथ वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं।
  • कोहली 27 सालों में ऐसे पहले क्रिकेटर हैं जिसने 910 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बुधवार को वनडे इंटरनेशनल रैंकिंग जारी की है। इस रैकिंग में कप्तान विराट कोहली को 911 रेटिंग पॉइंट्स दिए गए हैं। 27 साल बाद किसी बैट्समैन को इतने रेटिंग पॉइंट्स हासिल हुए हैं। इससे पहले 1991 में डीन जोंस ने यह रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए थे। 911 पॉइंट्स के साथ विराट कोहली वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर बने हुए हैं।  इंग्लैंड और इंडिया के बीच हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज का फायदा चाइनामैन बॉलर कुलदीप यादव को भी हुआ है। उन्होंने आठ स्थानों की लंबी छलांग लगाते हुए वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ छठी रैंकिंग हासिल की है। वहीं टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को खत्म हुई वनडे सीरीज हारने के बाद भी ICC वनडे रैंकिंग में अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है। इंग्लैंड की टीम अभी भी पहले स्थान पर काबिज है।

डीन जोंस के बाद 910 का जादुई आंकड़ा छूने वाले पहले बल्लेबाज बने कोहली

ICC की ताजा रैंकिंग में भारत के कप्तान कोहली के 911 पॉइंट्स हैं। भारत के इस दिग्गज बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ समाप्त हुई वनडे सीरीज में 75, 45 और 71 रन की पारियां खेली थी। दो पाइंट मिलने के साथ ही उन्होंने 910 का जादुई आंकड़ा छू लिया। वह ऐसा करने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। ऑस्ट्रेलिया के डीन जोंस ने 1991 में 918 पाइंट हासिल किये थे, जो कि अब तक का सर्वश्रेष्ठ है।

वनडे रैंकिंग में इंग्लैंड के जो रूट चार स्थानों की छलांग के साथ दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। रूट ने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में कुल 216 रन बनाए थे। रूट ने अपनी पिछली तीन पारियों में 3, 113 और 100* रन बनाए हैं, जिसका फायदा उन्हें करियर की बेस्ट रैंकिंग के रूप में मिला। वहीं पाकिस्तान के बाबर आजम तीसरे स्थान पर हैं। कोहली के अलावा रोहित शर्मा चौथे और शिखर धवन दसवें स्थान पर काबिज हैं।

चाइनामैन कुलदीप यादव करियर की बेस्ट रैंकिंग पर पहुंचे

गेंदबाजों की रैंकिंग में भारत के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव आठ स्थान की छलांग के साथ करियर की बेस्ट रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। ICC ने उन्हें छठी रैंक दी है। कुलदीप ने मंगलवार को समाप्त हुए वनडे सीरीज में कुल नौ विकेट लिए थे। वह टॉप टेन में तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं युजवेंद्र चहल दो स्थान के नुकसान के साथ दसवें स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर राशिद खान दूसरे और पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

इंग्लैंड से हारने पर भारत ने एक पाइंट गंवाया 

टीम रैंकिंग की बात की जाए तो भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद एक पाइंट गवां दिया है। हालांकि वह दूसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत के फिलहाल 121 पाइंट हैं। वहीं इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 की जीत के बाद 127 पाइंट के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। साउथ अफ्रीका की टीम 113 पाइंट के साथ तीसरे स्थान पर है।

ऑल-राउंडरों की रैंकिंग में बांग्लादेश के शकिब उल हसन पहले स्थान पर बने हुए हैं। वहीं भारत के रविंद्र जडेजा दूसरे और साउथ अफ्रीका तीसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत के ही रविचंद्रन अश्विन चौथे स्थान पर बने हुए हैं। 

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।