दैनिक भास्कर हिंदी: 2011 वर्ल्ड कप फाइनल पर फिक्सिंग का साया  !

April 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। साल 2011 में हुआ वर्ल्ड कप फाइनल एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला मैच फिक्सिंग से जुड़ा है। वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराते हुए दूसरी बार वर्ल्ड कप खिताब जीता था, जिसकी सातवीं वर्षगांठ हाल ही के दिनों में मनाई गई है। 

आरोप है कि 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम यानी भारतीय टीम के एक सदस्य के फिक्सिंग सिंडिकेट से लिंक हैं जिसकी जांच की जा रही है। इस मैच फिक्सिंग सिंडिकेट ने पिछले साल राजस्थान के जयपुर में एक डोमेस्टिक T-20 टूर्नामेंट भी कराया था जिसका नाम राजपूताना प्रीमियर लीग था। खबरें हैं कि यही राजपूताना प्रीमियर लीग सबसे पहले BCCI  के एंटी करप्शन रडार पर आया और अभी भी उसकी जांच चल रही है।

 

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NEO Sports पर हुआ था RPL का प्रसारण 

पिछले साल जयपुर में हुई राजपूताना प्रीमियर लीग में क्लब क्रिकेटरों ने भाग लिया था और इसका सीधा प्रसारण Neo Sports पर हुआ था। बता दें कि Neo Sports के पास पहले भारतीय क्रिकेट टीम के डोमेस्टिक मैचों के प्रसारण अधिकार थे। खबरें हैं कि फिक्सिंग रैकेट के मास्टरमाइंट की आरपीएल के पीछे अहम भूमिका थी और उसका लिंक एक भारतीय खिलाड़ी के साथ है जो भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुका है। 

तार से जुड़ रहे तार, CID कर रही जांच 

पिछले साल जुलाई में सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग के आरोप में जयपुर की 4 होटलों से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में आरपीएल के ऑर्गनाइजर्स, खिलाड़ी, अंपायर और कथित सट्टेबाज शामिल थे। इन आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद ही वर्ल्ड कप 2011 की विजेता टीम के एक सदस्य के तार फिक्सिंग से जुड़ने का पता चला है। फिलहाल मामले की जांच सीआईडी कर रही है और खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। 

पहले भी लगा फाइनल फिक्स का आरोप

वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल पर फिक्सिंग का आरोप इससे पहले भी लग चुका है। साल 2011 में ही श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स होने के आरोप लगाया था और जांच की मांग की थी। तब रणतुंगा के आरोपों को श्रीलंका की हार की निराशा बताया गया था।