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IND VS AUS: दर्शकों की मौजूदगी में हो सकती है भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज

June 12th, 2020 17:54 IST
IND VS AUS: दर्शकों की मौजूदगी में हो सकती है भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज

हाईलाइट

  • दर्शकों की मौजूदगी में हो सकती है भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज

डिजिटल डेस्क, कैनबरा। भारत को इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दर्शकों की मौजूदगी में सीरीज खेलने का मौका मिल सकता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने शुक्रवार को कहा कि, जिन खेल स्टेडियमों में 40,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है, उन स्टेडियमों को अगले महीने से 10,000 दर्शकों के साथ मैचों या टूर्नामेंटों का आयोजन करने की अनुमति दे दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने अपनी वेबसाइट पर एक आधिकारिक बयान में कहा, 40,000 दर्शकों तक की क्षमता वाले आउटडोर आयोजन स्थलों को स्टेप 3 के तहत 25 फीसदी से अधिक टिकट और दर्शकों के साथ आयोजन की इजाजत नहीं दी जाएगी। बयान के अनुसार, 40,000 से अधिक क्षमता वाले आउटडोर आयोजन स्थलों को एचपीपीसी से इजाजत मांगने की सलाह दी जाती है। इन स्टेडियमों में दर्शकों का प्रबंध राज्यों द्वारा किया जाएगा।

यह निर्णय, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राज्य और क्षेत्रीय नेताओं के साथ हुई कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया। बैठक में मॉरिसन के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी कहा था कि अगर संभव हो पाया तो वह या दो ही स्थानों पर सभी चार टेस्ट मैचों के आयोजन पर विचार करेंगे। भारतीय टीम को इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है, जहां वह चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।

भारत अपनी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बचाने की शुरूआत ब्रिस्बेन से करेगा, जहां पहला टेस्ट मैच तीन से सात दिसंबर के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच एडिलेड में 11 से 15 दिसंबर के बीच खेला जाएगा। मेलबर्न 26 से 30 दिसंबर के बीच तीसरे टेस्ट की मेजबानी करेगा। चौथा और आखिरी टेस्ट सिडनी में होगा। भारतीय टीम विदेशी जमीन पर अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर तीन से सात जनवरी 2021 के बीच खेलेगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।