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एतिहासिक टेस्ट में अफगानिस्तान की हार, पारी और 262 रन से जीती टीम इंडिया

June 16th, 2018 12:10 IST
एतिहासिक टेस्ट में अफगानिस्तान की हार, पारी और 262 रन से जीती टीम इंडिया

हाईलाइट

  • इंडिया ने अफगानिस्तान को उसके पहले टेस्ट मैच में पारी और 262 रन से करारी शिकस्त दी है।
  • इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टेस्ट इतिहास में पारी के लिहाज से अब तक की अपनी सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की है।
  • टेस्ट इतिहास में 141 साल बाद चौथी बार कोई टीम एक ही दिन में 2 बार ऑलआउट हुई है।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को करारी हार झेलनी पड़ी है। इंडिया ने अफगानिस्तान को उसके इस पहले मैच में पारी और 262 रन से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ इंडियन टीम ने टेस्ट इतिहास में पारी के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की है। इस एक मात्र टेस्ट में इंडिया ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे। इसके बाद इंडिया ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच के दूसरे ही दिन अफगानिस्तान की दोनों पारियां (109 & 103) खत्म कर दीं और 2 ही दिन में यह मैच जीत लिया।

मैच के दूसरे ही दिन टीम इंडिया द्वारा बनाए 474 रन का पीछा करने मैदान में उतरी अफगानिस्तान टीम महज 109 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह इंडियन गेंदबाजों ने टीम इंडिया को 365 रन की लीड दिला दी थी। अफगानिस्तान की ओर से कोई भी बल्लेबाज विकेट पर ज्यादा देर तक खड़ा नहीं टिक पाया। अफगान की ओर से मोहम्मद शहजाद (14), रहमत शाह (14), हशमातुल्लाह शाहिदी (11), कप्तान अशगर स्तानिकजाई (11), मोहम्मद नबी (24) और मुजीबुर्रहमान (15) बमुश्किल दहाई के आंकड़ों तक पहुंच सके। वहीं टीम इंडिया की तरफ से आर. अश्विन ने 4 विकेट झटके, जबकि ईशांत शर्मा और रविंद्र जडेजा को 2-2 विकेट मिले।

अफगान की दूसरी पारी भी ढेर
इसके बाद फॉलोऑन खेलने के लिए दोबारा मैदान में उतरी अफगान टीम कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। एक बार फिर अफगान का टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी क्रम इंडियन गेंदबाजों के सामने धराशाही हो गया। अफगान ने अपने 24 रन के स्कोर पर ही अपने 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हाशमतुल्ला शाहिदी (36) ने कप्तान असगर स्टेनिकजई (25) के साथ मिलकर पारी संभालने की कोशिश की मगर कामयाब नहीं हो सके। लगातार गिरते विकेट के चलते पूरी अफगानिस्तान टीम 103 रन पर आकर ढेर हो गई। दूसरी पारी में इंडिया की ओर से रविंद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके, जबकि उमेश यादव ने 3, ईशांत शर्मा ने 2 और आर अश्विन ने 1 विकेट अपने नाम किया।

इंडिया की पारी में धवन और विजय का शानदार शतक
इससे पहले इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 476 रन बनाए। इंडिया की ओर से ओपनर शिखर धवन और मुरली विजय ने शानदार शतक जड़े। मैच में इंडिया को ओपनर शिखर धवन और मुरली विजय ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 168 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी का आकर्षण शिखर धवन का शतक रहा, जो उन्होंने लंच से पहले ही जड़ डाला। शिखर ने महज 87 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। इस शतक के साथ ही शिखर धवन लंच के पहले शतक ठोकने वाले पहले इंडियन खिलाड़ी बन गए हैं। धवन 107 रन बनाकर अहमदजई का शिकार बने।

पहले विकेट के बाद ओपनर मुरली विजय ने भी अपना शतक पूरा कर इंडियन पारी को आगे बढ़ाया। विजय ने केएल राहुल के साथ मिलकर 112 रन की शतकीय साझेदारी की। इसके बाद इंडियन टीम को 280 रन के स्कोर पर मुरली विजय के रूप में दूसरा झटका लगा। विजय 153 गेंद पर 105 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। विजय ने अपनी पारी में 15 चौके और एक गगनचुंबी छक्का भी जड़ा। पहला दिन का खेल खत्म होने तक इंडिया ने 78 ओवर में 6 विकेट खोकर 347 रन बनाए थे। दूसरे दिन टीम इंडिया इस स्कोर में 133 रन और जोड़कर ऑलआउट हो गई थी।


गौरतलब है कि यह अफगानिस्तान का पहला टेस्ट मैच था। कुछ समय पहले ही अफगानिस्तान को टेस्ट मैच खेलने की मान्यता हासिल हुई थी। अपने पहले ही मैच में अफगानिस्तान टीम का विश्व की शक्तिशाली टीमों में शामिल टीम इंडिया से मुकाबला हुआ।

अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच में टीम इंडिया के कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया गया था। कप्तान विराट कोहली को टीम मैनेजमेंट ने आराम दिया। उनकी गैर मौजूदगी में अजिंक्य रहाणे टीम की कमान संभाल रहे थे। इसके अलावा बैट्समैन रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को भी आराम दिया गया था।

दोनों टीमें:

टीम इंडिया:
अजिंक्य रहाणे (कप्तान), शिखर धवन, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, मुरली विजय, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या, ईशांत शर्मा और उमेश यादव।

अफगानिस्तान: मोहम्मद शहजाद, जावेद अहमदी, रहमत शाह, असगर स्टेनिकजई (कप्तान), हाशमतुल्ला शाहिदी, मोहम्मद नबी, अफसर जजाई (विकेटकीपर), राशिद खान, यामीन अहमदजई, वफादार और मुजीब उर रहमान।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।