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एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम गोल्ड से एक कदम दूर, चीन को हराकर 20 साल बाद फाइनल में पहुंची

August 30th, 2018 12:27 IST
एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम गोल्ड से एक कदम दूर, चीन को हराकर 20 साल बाद फाइनल में पहुंची

हाईलाइट

  • भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में जगह पक्की कर ली है।
  • भारतीय टीम की यह लगातार पांचवीं जीत है।
  • भारतीय महिला हॉकी टीम 20 साल बाद एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची है।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। भारतीय महिला हॉकी टीम ने जकार्ता में खेले जा रहे 18वें एशियन गेम्स में चीन को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह पक्की कर ली है। भारतीय टीम की यह लगातार पांचवीं जीत है। इस जीत के साथ ही हॉकी में भारत का एक पदक पक्का हो गया है। भारतीय महिला हॉकी टीम 20 साल में पहली बार एशियाड के फाइनल में पहुंची है। टीम इससे पहले 1998 एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची थी। फाइनल में भारत का मुकाबला जापान से होगा। भारत ने चीन को हराकर पिछले एशियन गेम्स में चीन के हाथों मिली हार का भी बदला ले लिया। भारत की ओर से एकमात्र गोल गुरजीत कौर ने 52वें मिनट में किया।

पहले हाफ में भारतीय टीम शानदार खेल दिखाते हुए तीन बार की गोल्ड मेडलिस्ट चीन पर हावी रही। पहले हाफ में भारत ने काफी काउंटर अटैक किए, लेकिन किसी भी मौके को गोल में तब्दील करने में नाकाम रहे। मैच के आठवें मिनट में भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इन पर गोल करने में नाकाम रही। इसके बाद 16वें मिनट में भारत की स्टार फॉरवर्ड खिलाड़ी और कप्तान रानी ने एक शानदार स्ट्रोक लिया, जिसे चीन की डिफेंस खिलाड़ी ने रोक लिया। पहले हाफ के अंतिम समय में भारत की उदिता एक अच्छे पास पर गोल करने में नाकाम रही। पहला हाफ गोल रहित खत्म हुआ। 

इसके बाद दूसरे हाफ के 38वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर गुरजीत ने शॉट लिया, लेकिन गेंद गोल के बाहर चली गई। 41वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन यह भी बेकार चला गया। भारतीय टीम को इसके बाद 51वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और भारत की गुरजीत ने आखिरकार 52वें मिनट में गोल कर भारत को जीत दिला दी।

इससे पहले भारत ने नौ एशियन गेम्स में एक गोल्ड (1982, दिल्ली), एक सिल्वर (1998, बैंगकॉक) और तीन ब्रॉन्ज (1986 सियोल, 2006 दोहा, 2014 इंचिऑन) सहित कुल पांच मेडल्स जीते हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने दिल्ली में हुए 1982 एशियन गेम्स में डेब्यू करते हुए गोल्ड जीता था। वहीं 2014 इंचिऑन में हुए आखिरी एशियन गेम्स में भारत को सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया के हाथों 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम अब फाइनल में जापान से भिड़गी। जापान ने अपने सेमीफाइनल मैच में पांच बार की गोल्ड मेडलिस्ट साउथ कोरिया को हराकर बाहर कर दिया। भारतीय टीम ने 2014 इंचिऑन एशियन गेम्स में तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में जापान को 2-1 से हराया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।