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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाकाम रहे भारतीय गेंदबाज

November 28th, 2020 13:07 IST
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाकाम रहे भारतीय गेंदबाज

हाईलाइट

  • आस्ट्रेलिया के खिलाफ नाकाम रहे भारतीय गेंदबाज

डिजिटल डेस्क, सिडनी। भारतीय गेंदबाजों से ऑस्ट्रेलिया में जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद थी वह शुक्रवार को पहले वनडे में तो पूरी नहीं हुई। भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा तो नहीं किया और अपने खराब प्रदर्शन से कुछ अनचाहे रिकार्ड अपने नाम कर लिए। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने भारत के हर गेंदबाज की जमकर धुनाई की। भारत के चार गेंदबाजों ने 60 से ज्यादा रन दिए। नवदीप सैनी, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल सभी ने अपने कोटे के 10 ओवरों में 60 से ज्यादा रन लुटाए। यह वनडे में दूसरी बार है कि भारत के चार गेंदबाजों ने अपने कोटे के सभी ओवर फेंकने के बाद 60 या उससे ज्यादा रन दिए हैं।

मोहम्मद शमी सबसे किफायती गेंदबाज रहे जिन्होंने 10 ओवरों में 59 रन दिए। चहल ने 10 ओवरों में 89 रन खर्च कर सिर्फ एक विकेट लिया। बुमराह ने 10 ओवरों में 73 रन देकर एक विकेट हासिल किया। नवदीप सैनी ने भी 10 ओवरों में 8.3 की औसत से 83 रन लुटाए और सिर्फ एक सफलता हासिल की। शमी ने 10 ओवरों में 59 रन दिए और तीन विकट लिए।

इससे पहले 2018 में गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के चार गेंदबाजों ने अपने कोटे के 10-10 ओवरों में 60 से ज्यादा रन दिए थे। इस मैच में प्रदर्शन के बाद चहल भारत के लिए एक वनडे मैच में सबसे ज्यादा रन देने वाले स्पिनर भी बन गए हैं। चहल ने मार्कस स्टोइनिस का विकेट लिया जो खाता तक नहीं खोल पाए।

चहल से पहले यह अनचाहा रिकार्ड लेग स्पिनर पीयूष चावला के नाम था जो उन्होंने 2008 में पाकिस्तान के खिलाफ 10 ओवरों में 85 रन खर्च कर बनाया था। इस मैच में आस्ट्रेलिया ने छह विकेट के नुकसान पर 374 रन बनाए जो वनडे में भारत के खिलाफ उसका सर्वोच्च स्कोर भी है। इससे पहले आस्ट्रेलिया का भारत के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर 359 था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।