दैनिक भास्कर हिंदी: मैरीकॉम ने निखत को 9-1 से दी करारी शिकस्त, चीन में खेलेंगी ओलिंपिक क्वालिफायर 

December 28th, 2019

हाईलाइट

  • सिमरनजीत ने सरिता को मात देकर कटाया ओलिंपिक क्वालिफायर का टिकट
  • निखत ने मैरीकॉम को बिना ट्रॉयल के ओलिंपिक क्वालिफायर में भेजने का विरोध किया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम ने निखत जरीन को टोक्यो ओलिंपिक क्वालिफायर के लिए 51 किलोग्राम भार वर्ग में ट्रायल मुकाबले में 9-1 से करारी शिकस्त दी। शनिवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मैरीकॉम शुरू से ही हावी रहीं और मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की। अब मैरीकॉम टोक्यो ओलिंपिक के लिए चीन के वुहान में 3 से 14 फरवरी तक क्वालिफायर मुकाबले खेलेंगी।

इसके साथ ही सालभर से चला आ रहा विवाद भी खत्म हो गया। निखत जरीन ने बीएफआई के मैरीकॉम को बिना ट्रॉयल के ओलिंपिक क्वालिफायर में भेजने का विरोध किया था। 51 भारवर्ग में दो दिन तक चली ट्रायल्स में चार मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। निखत ने शुक्रवार को ज्योति गुलिया को 10-0 और मेरी कॉम ने रितू ग्रेवाल को 10-0 से मात दे एक दूसरे से भिड़ंत तय की थी। निखत और मैरीकॉम के बीच यह तीसरा मुकाबला था। निखत इस साल के मई में इंडिया ओपन के सेमीफाइनल में मैरीकॉम से भिड़ी थीं। इससे पहले साल 2016 में साउथ एशियन गेम्स की ट्रायल में दोनों के बीच मुकाबला हुआ था। दोनों मुकाबले मैरीकॉम जीते थे। 

 

 

जरीन से हाथ और गले मिलाए बिना बाहर निकलीं मैरीकॉम
वहीं मैच के बाद खत्म होने के बाद मैरीकॉम जरीन से हाथ और गले मिलाए बिना गुस्से में बाहर निकल गईं। इसके बाद मैरीकॉम ने निखत से हाथ नहीं मिलाने के सवाल पर कहा कि अगर वो सम्मान चाहती हैं तो पहले उन्हें सम्मान देना चाहिए। आप खुद को रिंग में साबित करें, बाहर नहीं। निखत के सपोर्टर ने मुझसे गलत व्यवहार किया। मैं उन्हें तीन बार हरा चुकी हैं, फिर भी नहीं सुधर नहीं रहे। बाहर बोलते रहना गलत है। हालांकि, बाद में मैरीकॉम ने कहा कि वे गुस्से में थी। अब सब ठीक है। 

निखत ने कहा- मैरीकॉम युवाओं के लिए आदर्श
दूसरी ओर निखत ने कहा कि मैरीकॉम युवाओं के लिए आदर्श हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने मैच के बाद ही नहीं मैच के दौरान भी मुझे गाली दी थी। उनके व्यवहार से दुखी हूं। मैरीकॉम आदर्श बॉक्सर हैं। जोश में कभी-कभी ऐसा हो जाता है। मामले को तूल नहीं देना चाहिए।

निखत ने की ट्रायल की मांग, मैरीकॉम ने किया था विरोध
दरअसल, रूस में खेली गई विश्व चैम्पियनशिप में मैरी कॉम ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य जीता था। इस जीत के बाद अजय सिंह ने मैरीकॉम को ओलम्पिक क्वालीफायर में सीधे भेजने की बात कही थी जो BFI के नियमों के उलट थी। BFI ने सितंबर में जो नियम बनाए थे, उनके मुताबिक विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ियों को ही ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए डायरेक्ट एंट्री मिलेगी और जिस भारवर्ग में भारत की मुक्केबाज फाइनल में नहीं पहुंची हैं उस भारवर्ग में ट्रायल्स होगी। निकहत की मेहनत रंग लाई और BFI अपने पुराने नियमों पर लौट ट्रायल्स आयोजित कराने पर राजी हो गईं। इस बीच मैरी कॉम ने हमेशा कहा था कि वह BFI की चयन प्रक्रिया के साथ हैं। उन्होंने हालांकि अन्य खेलों का बहाने देकर ट्रायल्स से बचने की भी कोशिश की ती।

सिमरनजीत ने सरिता को मात देकर कटाया ओलिंपिक क्वालिफायर का टिकट
अन्य नतीजों में 57 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी चौधरी ने दो बार की विश्व रजत पदक विजेता सोनिया लाथेर को 9-1 से हराया। 60 किलोग्राम भारवर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन एल सरिता देवी को हार झेलनी पड़ी। नेशनल चैम्पियन सिमरनजीत कौर ने सरिता को 8-2 से मात दी। 69 किलोग्राम भारवर्ग में लवलिना बोरगेहेन ने ललिता को 10-0 से शिकस्त दी और 75 किलोग्राम भारवर्ग में पूजा ने नुपूर को भी 10-0 से हराया।