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एनबीए : किंग्स-पेसर्स के बीच होने वाले प्री-सीजन मैच की सभी टिकटें बिकी

October 03rd, 2019 21:00 IST
 एनबीए : किंग्स-पेसर्स के बीच होने वाले प्री-सीजन मैच की सभी टिकटें बिकी

मुंबई, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) की दो बड़ी टीमों-इंडियाना पेसर्स और सैक्रेमेंटो किंग्स के बीच एनएससीआई डोम में शनिवार को होने वाले प्री-सीजन मैच की सभी टिकटें बिक गई हैं। मैच की सबसे महंगी टिकट करीब 85,000 रुपये की बिकी है।

भारतीय मूल के व्यापारी विवेक रणदिवे की टीम किंग्स और पेसर्स के बीच शुक्रवार एवं शनिवार को दो मैच खेले जाएंगे। हालांकि, टिकटें केवल शनिवार को होने वाले मैच के लिए बेची गई हैं। शुक्रवार को होने वाले मैच के लिए भारत में एनबीए के साझीदार रिलायंस फाउंडेशन और एनबीए इंडिया अकादमी से जुड़े 3000 बच्चों को दर्शक के रूप में चुना गया है।

आयोजकों ने आईएएनएस को बताया, शुक्रवार को जो मैच होगा उसमें 70 स्कूलों के 3000 छात्र और छात्राओं को आमंत्रित किया गया है। इन छात्रों को एनबीए और रिलायंस फाउंडेशन के तहत चलाए गए कार्यक्रम के जरिए मुकाबला दिखाया जाएगा।

आयोजकों ने कहा, दर्शकों के लिए केवल शनिवार को होने वोले मैच की टिकटें बेची गई हैं। सभी टिकटें बिक गई हैं और दर्शक अब आसानी से शीर्ष स्तरीय बास्केटबॉल एक्शन का लुत्फ उठा पाएंगे। भारत में पहली बार एनबीए प्री-सीजन मैचों का अयोजन हो रहा है और फैन्स किसी भी हालत में इसे मिस नहीं करना चाहते हैं।

मैच के टिकेट की शुरूआत 4,500 रुपये से हुई और सबसे महंगी टिकेट करीब 85,000 रुपये की बिकी है। टिकटों को करीब आठ कैटगरी में बांटकर बेचा गया है।

आयोजकों ने कहा, सबसे सस्ती टिकेट 4,500 रुपये की बिकी है। इसके बाद की टिकटों के दाम 6,000, 7,000, 8,000, 18,000, 20,000, 25,000 रुपये हैं और सबसे महंगी टिकट करीब 85,000 रुपसे की बिकी है।

आयोजक ने आगे कहा, 85,000 रुपये की टिकट खरीदने वाले व्यक्ति को कोर्ट के पास बैठकर मैच का लुत्फ उठाने का अनुभव प्राप्त होगा। वह कोर्ट के पास दर्शकों की पहली चार लाइनों में बैठे होंगे।

आयोजकों ने बताया कि दो दिन चलने वाले इन मैचों में कई मशहूर हस्तियों के आने की भी संभावना है। इसमें नीता अंबानी समेत रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा भी शामिल हैं।

रिलायंस फाउंडेशन के सभी के लिए शिक्षा और खेल अभियान की शुरूआत 2013 में हुई थी। इसके बाद पूरे देश के करीब 34 शहरों के 10,000 से अधिक स्कूलों के 10 लाख बच्चों तक इसकी पहुंच हो चुकी है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।