comScore

कोरोना का असर: उमेश ने कहा, एक बार अभ्यास शुरू हो जाए, हम स्लाइवा बैन से निपट लेंगे

June 18th, 2020 17:03 IST
कोरोना का असर: उमेश ने कहा, एक बार अभ्यास शुरू हो जाए, हम स्लाइवा बैन से निपट लेंगे

हाईलाइट

  • एक बार अभ्यास शुरू हो जाए, हम स्लाइवा बैन से निपट लेंगे : उमेश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कोरोनावायरस खतरे के कारण गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव का मानना है कि क्रिकेट शुरू होने के बाद इसका हल निकाल लिया जाएगा। उमेश मैदान पर ट्रेनिंग शुरू होने के बाद इसका समाधान निकालने को लेकर आश्चस्त है।

उमेश ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, हां, लार के बिना अचानक फिर से खेल शुरू करना मुश्किल होगा। हमने अब तक अभ्यास शुरू नहीं किया है। एक बार जब मैं मैदान पर उतर जाउं और लार के इस्तेमाल के बिना खेलने का अभ्यास शुरू कर दूं तो फिर मुझे पता चलेगा कि इसका क्या असर है। पुरानी गेंद के साथ यह अब भी ठीक है, लेकिन नई गेंद के साथ..मुझे नहीं पता कि लार को हटाने के बाद यह कितना चमकेगी। उन्होंने कहा, चूंकि सफेद गेंद कम स्विंग होती है, इसलिए टी 20 प्रारूप के लिए यह ठीक है। लेकिन मुख्य समस्या उस समय होगी जब हम टेस्ट मैच खेलेंगे। अगर हम लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं तो फिर गेंद को स्विंग कराने के लिए हमें नई तकनीकों के बारे में सोचना होगा। एक बार अभ्यास शुरू हो जाए तो हमें पता चल जाएगा कि इससे कैसे निपटना है।

यह पूछे जाने पर कि लॉकडाउन के कारण काफी लंबे समय बाद मैदान पर लौटना और अपने पुराने फॉर्म को वापस पाना कितना मुश्किल होगा, तेज गेंदबाज ने कहा कि गेंदबाज के रूप में कड़ी मेहनत और मांसपेशियों पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, एक पेशेवर के रूप में जब भी आप मैदान पर जाते हैं तो आप अपना 100 फीसदी देना चाहते हैं। लेकिन साथ ही आपको इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि लॉकडाउन के बाद से आप उस तरह से अभ्यास नहीं कर रहे हैं, जैसे कि पहले करते थे। इसलिए शारीरिक रूप में गेंदबाजी करना और फील्डिंग करना थोड़ा मुश्किल होगा। लॉकडाउन के बाद जब हम मैदान पर लौटेंगे तो हम इस पर काम करना शुरू कर देंगे।

उमेश ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आईपीएल लीग होगी क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से पहले खिलाड़ियों को एक आदर्श प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में करियर की शुरुआत करने वाले उमेश ने भारत के लिए अब तक 46 टेस्ट, 75 वनडे और सात टी 20 मैच खेले हैं। उमेश को महेंद्र सिंह धोनी के अलावा विराट कोहली की कप्तानी में भी खेलने का मौका मिल रहा और दोनों में फर्क पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैंने माही भाई के मार्गदर्शन में अपने करियर की शुरुआत की थी। लोग उन्हें कैप्टन कूल कहते हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है, जिसे मैं कोहली के मार्गर्शन में अमल में ला रहा हूं। विराट भी शानदार कप्तान है। वह काफी आक्रामक है। हमारी शारीरिक भाषा, हमारी सोच, सभी मैच। उनके मार्गदर्शन में खेलना अच्छा है।

उमेश ने भारत की गेंदबाजी इकाई को लेकर कहा कि इसका हिस्सा बनने पर उन्हें गर्व है और वह टीम में जगह बनाने के लिए स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, अब हमारी गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है और सभी गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे है। इसलिए मेरा मानना है कि तेज गेंदबाजों के बीच टीम में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा है। जब मैं अभ्यास करता हूं तो प्रतिस्पर्धा के हिसाब से प्रत्येक दिन इसमें सुधार करता हूं।

कमेंट करें
cfUFu
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।