दैनिक भास्कर हिंदी: Poland open 2018: मैरी कॉम और ज्योति का गोल्डन पंच, सरिता ने जीता ब्रॉन्ज

September 16th, 2018

हाईलाइट

  • मैरी कॉम ने जीता साल का तीसरा गोल्ड मेडल
  • जूनियर मुक्केबाजों ने 6 गोल्ड, 6 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज के साथ कुल 13 पदक अपने नाम किए

डिजिटल डेस्क, पौलेंड। भारत की स्टार बॉक्सर और पांच बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरी कॉम (48 किलोग्राम) ने शनिवार को पौलेंड बॉक्सिंग ओपन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ ही उन्होंने साल का अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने पोलैंड के ग्लीवाइस में महिलाओं के 13वें सिलेसियान ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारत को गोल्ड दिलाया है। वहीं ज्योति गुलिया (51 किग्रा) ने भी फाइनल मैच में जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इस टूर्नामेंट में भारत के जूनियर खिलाड़ियों ने 13 मेडल जीते जबकि पूर्व विश्व चैम्पियन एल सरिता देवी (60 किग्रा) ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मैरी कॉम का फाइनल गोल्ड मेडल मुकाबला कजाखिस्तान की एगेरिम कसानायेवा से था। मैरी कॉम ने इस साल दो अन्य गोल्ड मेडल दिल्ली में इंडिया ओपन और गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेल में जीते थे। 

वहीं पूर्व युवा चैम्पियन ज्योति ने पोलैंड की तातियाना प्लुटा को फाइनल मुकाबले में बाउट के दूसरे राउंड में हराकर जीत दर्ज की और गोल्ड जीता। इस जीत के साथ ज्योति ने अगले महीने अर्जेंटीना में होने वाले युवा ओलंपिक के लिए क्वालीफाइ किया। ऐसा करने वाली देश की इकलौती खिलाड़ी बन गई हैं। मैच के दौरान 17 साल की इस मुक्केबाज ने अपनी विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।

शुक्रवार को सरिता के अलावा लवलिना बोरगोहेन (69 किग्रा) और पूजा रानी (81 किग्रा) का अभियान भी सेमीफाइनल में ही समाप्त हुआ। सरिता को सेमीफाइनल मुकाबले में करीना इब्रागिमोवा ने 5-0 से हराया। हालांकि भारतीय दल को यह फैसला विवादास्पद लगा। टीम के साथ गए एक कोच ने कहा, ''यह विवादास्पद फैसला था। सरिता निश्चित रूप से बेहतर थी लेकिन जजों ने उसके पक्ष में फैसला नहीं दिया। यहां तक कि घरेलू दर्शक भी उसका समर्थन कर रहे थे क्योंकि हर कोई इसे देख सकता था। 

लवलिना को पोलैंड की कैरोलिना कोसजेवस्का से 4-1 से हार मिली, जिसे भारतीयों ने अनुचित करार दिया। पूजा को स्थानीय प्रबल दावेदार एगाता काक्जमारस्का ने 3-2 से हराया। इससे पहले भारतीय जूनियर मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 6 गोल्ड, 6 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज के साथ कुल 13 पदक अपने नाम किए।