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पीवी सिंधु ने आलोचकों को लताड़ा, कहा - मैंने गोल्ड खोया नहीं, बल्कि सिल्वर जीता है

September 06th, 2018 19:09 IST
पीवी सिंधु ने आलोचकों को लताड़ा, कहा - मैंने गोल्ड खोया नहीं, बल्कि सिल्वर जीता है

हाईलाइट

  • पीवी सिंधु ने सिल्वर जीतने पर खुशी जाहिर की।
  • सिंधु ने अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया।
  • सिंधु ने कहा गोल्ड मेडल खोया नहीं, बल्कि सिल्वर मेडल जीता है।

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद।  ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने बुधवार को वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में लगातार दूसरा सिल्वर जीतने पर खुशी जाहिर की। सिंधु ने अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया। इस स्टार प्लेयर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा कि उन्होंने गोल्ड मेडल खोया नहीं है, बल्कि सिल्वर मेडल जीता है और उनकी सिल्वर मेडल चमकती भी है। बता दें कि रविवार को BWF फाइनल में सिंधु को स्पेन की कैरोलिना मरिन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उनके फाइनल में खेलने के टेम्परामेंट को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।

स्टार शटलर सिंधु ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वह जल्द देश के लिए गोल्ड मेडल भी जीतेंगी। उन्होंने साथ ही अपने स्पॉन्सर और टीम को भी धन्यवाद दिया। सिंधु ने लिखा, 'नानजिंग में एक सप्ताह काफी अच्छा बीता। फाइनल में हारने के बावजूद मैंने कुछ बेहतरीन मैच खेले। मैं रैंकिंग में अपने सुधार को लेकर भी बहुत खुश हूं। मेरा मानना ​​है कि धैर्य और दृढ़ता ही सफलता की सही कुंजी है। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरा गोल्ड मेडल जल्द ही आएगा! मुझे दुनिया भर के लोगों से इतना प्यार और समर्थन मिला। यह मेरे लिए गर्व की बात है। मैं अपने स्पॉन्सर, टीम, फीजीयो और कोच को धन्यवाद देती हूं। वह हमेशा मेरे लिए खड़े रहे हैं। मैं उनकी शुक्रगुजार हूं। यही प्यार मुझे जीतने के लिए प्रेरित करता है।'

वर्ल्ड नं 2 सिंधु ने कहा, 'हर खिलाड़ी गोल्ड जीतने के लिए ही खेलता है। वर्ल्ड चैंपियनशिप एक बड़ा टूर्नमेंट है और मैंने इसमें अपना शत प्रतिशत दिया। मैं कोशिश करूंगी कि एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करूं और देश के लिए मेडल जीत सकूं।'

बता दें कि सिंधु को लगातार दो साल से BWF फाइनल में हार का मुंह देखना पड़ रहा है। सिंधु को इससे पहले 2017 में भी इस प्रतियोगिता के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। सिंधु 2016 से आठ फाइनल हार चुकी हैं। वह केवल 2018 में चार फाइनल हार चुकी हैं। इनमें रियो ओलंपिक 2018, हांगकांग ओपन (2107, 2018), सुपर सीरीज फाइनल 2017, इंडियन ओपन 2018 और थाइलैंड ओपन 2018 शामिल है।

वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में लगातार दूसरी हार के बाद रोहन बोपन्ना, पुलेला गोपीचंद, प्रकाश पादुकोण जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने पीवी सिंधु का समर्थन किया था। नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा था कि सिंधु जिस मानसिकता के साथ फाइनल खेलीं वह अतुलनीय था। 'हमें यह याद रखना चाहिए कि सिंधु ने सेमीफाइनल, क्वॉर्टरफाइनल, प्री-क्वॉर्टरफाइनल में चैंपियन खिलाड़ियों के खिलाफ बेहतरीन खेल दिखाया था। मैं सिंधु से यही कहुंगा कि वह हर टूर्नमेंट से पॉजिटिव सीखें।'

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।