दैनिक भास्कर हिंदी: संन्यास लेने के बाद सरदार सिंह बोले- सचिन पाजी ने वापसी के लिए किया था प्रेरित

September 15th, 2018

हाईलाइट

  • इस साल खराब फॉर्म की वजह से सरदार को कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम से बाहर कर दिया गया था।
  • सरदार ने शानदार वापसी करते हुए हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में टीम को सिल्वर मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।
  • सरदार सिंह ने इसका श्रेय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को दिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह ने इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास ले लिया है। 12 साल के शानदार करियर के बाद बुधवार को उन्होंने इसका ऐलान किया। इस साल खराब फॉर्म की वजह से उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को सिल्वर मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। सरदार सिंह ने इसका श्रेय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को दिया है। उन्होंने कहा कि टीम में नहीं चुने जाने के बाद उनका आत्मविश्वास डगमगा गया था और उन्होंने सचिन तेंदुलकर से भी बात की। सरदार ने कहा कि सचिन पाजी ने उन्हें कड़ा अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया था।

सरदार ने एक इंटरव्यू में कहा, 'पिछले 3-4 वर्षों में सचिन पाजी मेरे लिए प्रेरणास्रोत है। पिछले तीन-चार साल मेरे लिए काफी मुश्किल रहा है। सचिन सर ने इस दौरान मेरी काफी मदद की है। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई टीम में से बाहर कर दिए जाने के बाद मैंने उनसे फोन पर बातचीत की। मैंने उनसे पूछा कि जब वह जीरो पर आउट हो जाते है तो क्या करते है? वह हंसे और मुझसे कहा कि आलोचनाओं पर ध्यान न दूं। इन सभी चीजों को भूल कर खुद को मोटिवेट करूं।'

सरदार ने कहा, 'सचिन पाजी ने मुझे और मेहनत करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी कभी हार नहीं मानता है। पाजी ने मुझे खेल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने मुझसे मेरे पुराने वीडियो फुटेज को देखने के लिए बोला। इसके साथ ही उन वीडियो की समीक्षा करने की सलाह भी दी। सचिन पाजी ने कहा कि मुझे अपनी नैचुरल हॉकी खेलने की जरूरत है। उन्होंने मुझसे करीब आधे घंटे बात की। उनकी बातों से मुझे वापसी करने में बहुत मदद मिली।'

सरदार भारतीय मिडफिल्ड की धूरी माने जाते हैं। उन्होंने अपने दम पर भारत को कई मैच जिताए हैं। सरदार ने देश के लिए 350 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने 2008 से लेकर 2016 तक नेशनल टीम की कप्तानी भी संभाली है। सरदार को 2012 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया। वहीं 2015 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया।

सरदार ने एशियन गेम्स के बाद कहा था कि वह पूरी तरी से फिट हैं और 2020 टोक्यो ओलंपिक में खेलना चाहते हैं। हालांकि, हॉकी इंडिया ने बुधवार को घोषित किए गए 25 खिलाड़ियों की कोर टीम से उनका नाम हटा दिया था। इसके बाद से ही उनके संन्यास लेने की अटकलें बढ़ गई थी। हालांकि सरदार घरेलू हॉकी टूर्नामेंटों में खेलना जारी रखेंगे।