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करीबी मुकाबले में नीदरलैंड ने आयरलैंड को एक रन से हराया, तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त

June 03rd, 2021 16:49 IST
करीबी मुकाबले में नीदरलैंड ने आयरलैंड को एक रन से हराया, तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त

हाईलाइट

  • नीदरलैंड ने पहले वनडे मुकाबले में आयरलैंड को एक रन से हरा दिया
  • नीदरलैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली
  • आयरलैंड को अंतिम ओवर में 12 रन चाहिए थे और उसके हाथ में विकेट थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीदरलैंड ने स्पोर्टपार्क मार्सचाल्करवीर्ड स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में आयरलैंड को एक रन से हरा दिया। इसी के साथ नीदरलैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। 

आयरलैंड को अंतिम ओवर में 12 रन चाहिए थे और उसके हाथ में विकेट थे। सिमी सिंह 44 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन नीदरलैंड के तेज गेंदबाज लोगान वैन बीक ने यूट्रेक्ट में अपने पहले विश्व कप सुपर लीग मैच में अपनी टीम को एक रन से जीत दिलाने में सफल रहे। उन्होंने अपने ओवर में केवल दस रन दिए। आखिरी गेंद पर आयरलैंड को तीन की जरूरत थी। नंबर 10 जोश लिटिल पैडल करने के प्रयास में विफल रहे और केवल बाई का एक रन ही ले सके और आयोरलैंड इस रोमांचक मैच में हार गया।

नीदरलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए गुगटेन के 53 गेंदों पर एक चौके और चार छक्कों की मदद से 49 रन के दम पर 50 ओवर में 195 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी आयरलैंड की टीम पॉल स्टíलंग के 112 गेंदों पर आठ चौकों के सहारे 69 रनों की पारी के बावजूद 50 ओवर में नौ विकेट पर 194 रन ही बना सकी।

आयरलैंड की पारी में स्टर्लिग के अलावा सिमी सिंह ने 45, एंडी मैकब्राइन ने 17 और जॉर्ज डोकरेल ने 11 रन बनाए। अन्य कोई बल्लेबाज दहाई अंकों तक नहीं पहुंच सका।

नीदरलैंड की तरफ से सीलार के अलावा लोगन वान बीक ने दो विकेट लिए जबकि फ्रेड क्लासेन, ब्रैंडन ग्लोवर और गुगटेन ने एक-एक विकेट लिए।

इससे पहले, नीदरलैंड की पारी में गुगटेन के अलावा मैक्स ओदुउद ने 23, साकिब जुलफिकर ने 23, बास डी लिडे ने 21, स्टीफन माइबर्ग ने 20 और लोगन वान बीक ने 29 रन बनाए जबकि ब्रैंडन ग्लोवर दो रन बनाकर नाबाद रहे।

आयरलैंड की ओर से क्रैग यंग और जोशुआ लिटल ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि सिमी सिंह और एंडी मैकब्राइन ने एक-एक विकेट लिया।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।