comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोहली ने तोड़ा लारा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, बतौर कप्तान बनाए सबसे तेज 4000 रन 

September 03rd, 2018 13:58 IST

हाईलाइट

  • 65वीं टेस्ट पारी में हासिल किया यह कीर्तिमान।
  • इसी टेस्ट मैच में ही कोहली ने बतौर बल्लेबाज अपने 6000 टेस्ट रन भी पूरे किए।
  • यह रिकॉर्ड ब्रायन लारा ने 40वें टेस्ट और 71 पारियों में बनाया।

डिजिटल डेस्क, साउथम्पटन। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में भारत ने चौथे टेस्ट में मिली हार के साथ ही यह टेस्ट सीरीज भी गंवा दी है। भारत अब इस सीरीज में 3-1 से बुरी तरह पिछड़ गया है। साउथम्प्टन में हुए तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में विराट कोहली 58 रन बनाकर आउट हुए। इसी के साथ विराट वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ कर उनसे आगे निकल गए हैं। दरअसल, यह रिकॉर्ड है बतौर कप्तान टेस्ट मैचों में सबसे तेज 4000 टेस्ट रन पूरे करने का। यह रिकॉर्ड ब्रायन लारा ने 40वें टेस्ट और 71 पारियों में बनाया था। जिसे भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने 39वें टेस्ट और 65 पारियों में ही तोड़ दिया। 

विराट अब बतौर कप्तान सबसे तेज 4000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली ने यह कीर्तिमान 66.66 के औसत से 16 शतक और 9 अर्द्धशतक के साथ 65वीं टेस्ट पारी में हासिल किया है। इसके साथ-साथ विराट ने 4000 रन बनाने के लिए सबसे कम समय भी लिया है। कोहली ने यह रिकॉर्ड 3 साल 265 दिनों के अंतराल में ही कप्तानी संभालने के बाद चार हजार रनों का आंकड़ा पार किया है। इस उपलब्धि के साथ विराट कोहली बतौर कप्तान सबसे तेज 4000 रन पूरे करने वाली लीस्ट में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। इससे पहले लारा पहले स्थान पर थे पर अब दूसरे पर आ गए हैं। तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग मौजूद हैं।  

इसी टेस्ट मैच में ही कोहली ने बतौर बल्लेबाज अपने 6000 टेस्ट रन भी पूरे किए थे। विराट ने पहली पारी में अपना छठा रन पूरा करते ही यह उपलब्धि हासिल की थी। कोहली ने यह उपलब्धि अपनी 119वीं पारी में हासिल की है। इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम पारियों में 6000 टेस्ट रन पूरे करने का रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर के नाम था। जिन्होंने यह रिकॉर्ड 117 पारियों में दर्ज किया था। 

कप्तान के लिहाज से सबसे तेज 4000 टेस्ट रन :-

65  विराट कोहली

71  ब्रायन लारा

75  रिकी पोंटिंग

80  ग्रेग चैपल

83  एलन बॉर्डर

87  क्लाइव लॉयड

90  एलिस्टेयर कुक

कमेंट करें
T6mXz
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।