दैनिक भास्कर हिंदी: युवराज ने 'आशु' को लिखा इमोशनल लेटर, गांगुली कहते थे 'पोपट'

November 2nd, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सिक्सर किंग भारतीय हरफनमौला क्रिकेटर युवराज सिंह ने आशीष नेहरा की विदाई पर एक इमोशनल लेटर लिखा है। इस लेटर में युवी ने आशु के बारे में कई ऐसी बातें लिखी हैं, जो हाल तक शायद किसी को नहीं पता थीं। युवराज सिंह प्यार से आशीष को आशु कहते हैं। युवराज ने लेटर में बताया कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली आशु को पोपट कहा करते थे। अब गांगुली आशु को पोपट क्यों कहा करते थे, इस बात का खुलासा भी इसी लेटर में किया गया है।

युवराज ने अपने लेटर में बताया, 'सौरव गांगुली ने ही आशु को पोपट नाम दिया था, क्योंकि वो बहुत ज़्यादा बोला करते थे। वो पानी के अंदर भी बोल सकते थे और वो मज़ाकिया भी खूब थे। मेरे लिए उन्हें कुछ बोलने की ज़रूरत नहीं थी, उनकी शारीरिक भाव-भंगिमाएं ही हंसाने के लिए काफ़ी थी। अगर आप आशीष नेहरा के साथ हैं तो आपका दिन ख़राब नहीं जा सकता... वो बंदा आपकों हंसा-हंसा करके गिरा देगा।

 

युवराज सिंह ने अपने लंबे-चौड़े लेटर में लिखा, 'सबसे पहली बात मैं जो अपने दोस्त आशु के बारे में कहना चाहता हूं, वो ये कि वो बेहद ईमानदार है...वो दिल का बहुत साफ़ आदमी है. शायद पवित्र पुस्तक ही उनसे ज़्यादा ईमानदार होगी। मैं जानता हूं इसे पढ़ने के बाद इस बात पर कई लोगों को हैरानी हो सकती है। कई बार हम लोग जीवन को लेकर जजमेंटल हो जाते हैं। सार्वजनिक लोगों के लिए ये बात और लागू होती है जिन्हें कई पैमानों पर आंका जाता है। इस मामले में आशु भी कुछ लोगों से सीधी-सपाट बात करते थे और उन्हें इसका नुकसान भी उठाना पड़ा।'

अपने लेटर में युवी आगे लिखते हैं, ' आशु से मैं पहली बार अंडर 19 के दिनों में मिला, जब उसका भारतीय टीम में चयन हुआ था।  मैं भज्जी से मिलने गया था और मैने इस लंबे-छरहरे लड़के को देखा जो एक जगह चुपचाप नहीं बैठ सकता था। वह हरभजन सिंह का रूममेट था। आशु हमेशा कुछ न कुछ करता रहता। बाद में जब हमने साथ खेला तो मैने उसे और करीब से जाना। नेहरा पूरी तरह से ‘टीम मैन ’ है और वर्ल्‍डकप 2011 में इसकी एक और बानगी देखने को मिली।'

युवराज सिंह लिखते हैं, 'मैं हमेशा सोचता था कि अगर कोई शख़्स 38 साल की उम्र में तमाम चोट और सर्जरी के बाद तेज़ गेंदबाज़ी कर सकता है तो मैं 36 साल की उम्र में बल्लेबाज़ी क्यों नहीं कर सकता। आशु की 11 सर्जरी हुई जिनमें कोहनी, कूल्हा, टखना, उंगली और दोनों घुटने शामिल हैं, लेकिन कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें आगे बढ़ाना जारी रखा।'

चोटिल आशु ने वर्ल्डकप में जिताया था मैच

'मुझे याद है, साल 2003 के वर्ल्ड कप में उनका पैर मुड़ गया था और चोट लगी। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अगला मैच खेलने की कोई संभावना नहीं थी, लेकिन वो सभी से कहते रहे कि वो खेलना चाहते हैं। अगले 72 घंटे में उन्होंने 30-40 बार बर्फ़ से सिकाई की, टैपिंग कराई, दवा खाई और चमत्कारिक रूप से खेलने के लिए तैयार हो गए। बाहर की दुनिया को लगा कि उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता, लेकिन हमें पता था कि उनके लिए इसके क्या मायने थे। 23 रन देकर छह विकेट और भारत जीत गया।'

IPL भी नहीं खेलेंगे आशीष

दिल्ली में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया सीरीज का पहला T-20 मैच आशीष नेहरा के लिए करियर का आखिरी मैच रहा है। शानदार विदाई मैच के बाद नेहरा ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अगले सीजन में भी नहीं खेलेंगें। नेहरा ने कहा मेरे लिए ये काफी कठिन है कि सुबह जल्दी उठकर सिर्फ IPL में खेलने के लिए ट्रेनिंग करुं। मेरे पूरे करियर के दौरान मेरी 10 या 11 सर्जरी हुई। ये कतई आसान नहीं था, लेकिन मैं हमेशा सकारात्मक सोचता हूं।