केरल समाचार: CEC ज्ञानेश कुमार पर PWD सचिव रहते हुए 2 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप, सरकार ने दिए जांच के आदेश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आगामी दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने उनके खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोपों की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। मामला करीब दो दशक पुराने केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत सड़क निर्माण से जुड़ा है। एक पूर्व ठेकेदार साजन ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन लोक निर्माण विभाग (PWD) सचिव ज्ञानेश कुमार ने परियोजना के भुगतान के बदले 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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इस मामले में 2006 में भी विजिलेंस जांच हुई थी, लेकिन जांच में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। इससे पहले 4 अक्टूबर को कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की शिकायत पर भी KSTP परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए गए थे।
अब नई शिकायत को भी विजिलेंस जांच के दायरे में शामिल किए जाने की संभावना है। जांच में पुराने दस्तावेजों, कथित सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों की पड़ताल होगी। फिलहाल ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं और उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला SIR को लेकर विपक्ष के विरोध से अलग है।
आपको बता दें शिकायतकर्ता साजन ने विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) को दी शिकायत में बताया कि मलेशियाई कंपनी PATI-BEL के तहत सड़क निर्माण का काम पूरा होने के बावजूद पेमेंट रोक दिए गए थे। इंजीनियरों ने करीब 17 करोड़ रुपये के बिल मंजूर कर दिए थे, लेकिन चेक जारी नहीं किए जा रहे थे। साजन ने दावा किया है कि कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने उन्हें कथित रिश्वत मांगने की जानकारी दी थी।
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शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान में देरी से कंपनी के ठेकेदारों और मजदूरों को आर्थिक परेशानी हुई। उन्होंने इस घटनाक्रम को वर्ष 2006 में ली सी बीन की आत्महत्या से भी जोड़ा है। साजन के मुताबिक, ली ने कथित सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार की भूमिका का जिक्र किया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि होना बाकी है।
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