मध्य प्रदेश: 15 अधिकारियों-कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई, वेतनवृद्धि रोकी, पदावनत किए और पेंशन में की कटौती

15 अधिकारियों-कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई, वेतनवृद्धि रोकी, पदावनत किए और पेंशन में की कटौती
मध्य प्रदेश नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने गुरुवार को नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार को लेकर 15 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने गुरुवार को नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार को लेकर 15 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। विभागायुक्त संकेत भोंडवे ने निकायों में वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि और आय हड़पने के साथ कोरोना काल में सामग्री क्रय में अनियमितता पाई, जिस पर इनके खिलाफ वेतनवृद्धि रोकन, पदावनत करने और पेंशन काटने जैसी कार्रवाई की गई। नगर परिषद नगौद में स्टॉप डेम निर्माण कार्य में पाई गई अनियमितताओं के मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय को एक वर्ष तक पदोन्नति की पात्रता नहीं रहेगी।

अनूपपुर के नगर परिषद जैतहरी में कोरोना में लॉकडाउन के दौरान सामग्री क्रय में अनियमितता पाई गई। मामले में तत्कालीन भंडार प्रभारी मोहित शर्मा की चार वेतन वृद्धियां रोक दी गई हैं। वहीं तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक लेखपाल रजनीश लहंगीर और तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की भी चार वेतन वृद्धियां रोकी गई हैं। नगर पालिका परिषद शहडोल में मोहनराम मंदिर तालाब के सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर में कराए गए निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामले में उपयंत्री देव कुमार गुप्ता और तत्कालीन सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा की आगामी तीन वार्षिक वेतन वृद्धियां रोक दी गई हैं।

जैतहरी में ही शासकीय स्कूल की जमीन और आय हड़पने के मामले में राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी को दोषी मानते हुए उनकी दो वेतन वृद्धियां रोकी गई हैं। प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह की आगामी दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। नगर परिषद जैतहरी में भूमि संबंधी अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम मिलन तिवारी की पेंशन की 10 प्रतिशत राशि स्थायी रूप से रोक दी गई है। वहीं कोरोना काल में सामग्री क्रय में अनियमितता के एक अन्य मामले में तिवारी की पेंशन की 20 प्रतिशत राशि स्थायी रूप से रोकी गई है। नगर परिषद पिपलौदा में नीलामी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता मिलने पर प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण पाठक की तीन वेतन वृद्धियां रोक दी गई हैं।

तालाब संरक्षण और सौंदर्यीकरण योजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद धार में देवीसागर तालाब निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर तत्कालीन उपयंत्री सुधीर ठाकुर , तत्कालीन सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल की वेतनवृद्धि रोकी गई है। सोयतकलां नगर परिषद, जिला आगर मालवा में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार पांचाल की वजह से माधव चौक स्थित भूखंड मामले में शासन को 9 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पाया गया। मामले में राजस्व निरीक्षक के पद से पदावनत कर उन्हें उप राजस्व निरीक्षक बनाया गया है। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के यांत्रिकी प्रकोष्ठ में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ शेखर ठाकुर के गायब रहने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।

इन पर हुई कार्रवाई

मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय, भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, मुख्य लिपिक लेखपाल रजनीश लहंगीर, स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर, उपयंत्री देव कुमार गुप्ता, सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा, राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम मिलन तिवारी, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण पाठक, उपयंत्री सुधीर ठाकुर, सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार पांचाल, शेखर ठाकुर पर कार्रवाई की गई है।

Created On :   6 Jun 2026 12:54 AM IST

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