- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- बिजली कटौती के विरोध में लालटेन...
MP News: बिजली कटौती के विरोध में लालटेन लेकर कंपनी के दफ्तर पहुचें कांग्रेसी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में बुधवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल लालटेन लेकर मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय पहुंचा। जहां एमडी विशेष गढ़पाले को शिकायती पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेसियों ने अघोषित बिजली कटौती और बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर जांच की मांग की। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी कहा कि मप्र का उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली के बिलों का भुगतान करता है। इसके बावजूद यदि उसे अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और खराब विद्युत व्यवस्था का सामना करना पड़ता है तो यह केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि विद्युत कंपनियों की जवाबदेही और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल है।
यह भी पढ़े -25 से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा, सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री गडकरी दिखाएंगे हरी झंडी
भोपाल के अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बार-बार अघोषित बिजली गुल और वोल्टेज फ्लक्चुएशन से जनता परेशान है। सरकार एक तरफ दावा कर रही है की प्रदेश में सरप्लस बिजली उपलब्ध है, वही दूसरी तरफ महंगी बिजली दी जा रही। जनता के घरो के स्मार्ट मीटर में सिर्फ भारी भरकम बिल आ रहा है। बिना किसी पूर्व सूचना के रात हो या दिन बार-बार बिजली की कटौती हो रही। बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। त्रिपाठी ने कहा कि भोपाल सहित पूरे प्रदेश में बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि जब उपभोक्ता हर महीने समय पर बिजली का बिल भर रहा है तो उसे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली क्यों नहीं मिल रही। बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा।
यह भी पढ़े -CM डॉ. मोहन यादव भेल दशहरा मैदान भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को करेंगे संबोधित, 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
कांग्रेस की मांग
-भोपाल की विद्युत व्यवस्था की तत्काल तकनीकी और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
-प्रदेश में बार-बार हो रही अघोषित विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ,ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल, फीडर और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच हो।
-लो-वोल्टेज और वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
-तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस के कारण होने वाली कटौती की स्थिति में उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दें।
- सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच दल गठित किया जाए। उसकी निगरानी में सुधार अभियान चले।
Created On :   25 Sept 2026 12:25 AM IST













