IAS officer Transfer: MP में IAS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सुखबीर सिंह CM के प्रमुख सचिव, कई जिलों के कलेक्टर बदले

MP में IAS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सुखबीर सिंह CM के प्रमुख सचिव, कई जिलों के कलेक्टर बदले
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में आईएएस अधिकारियों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में सरकार ने अनुभव, विभागीय पकड़ और योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त तेवरों के बीच कई जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है। वहीं, सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और कामकाज में तेजी लाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

सुखबीर सिंह को बेहतर प्रदर्शन का इनाम

सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD) का दायित्व भी सौंपा गया है। वहीं, भरत यादव को जनसंपर्क विभाग का सचिव बनाया गया है। इसे उनके बढ़े हुए प्रशासनिक दायित्व के रूप में देखा जा रहा है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रश्मि अरुण शमी को स्वास्थ्य विभाग में अपर मुख्य सचिव (ACS) की जिम्मेदारी मिली है, जबकि केसी गुप्ता को खाद्य विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है।

कई जिलों में बदले कलेक्टर

प्रशासनिक फेरबदल के तहत बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम को हरदा भेजा गया है। पन्ना में केन-बेतवा परियोजना के भू-अर्जन और बालाघाट में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी चुनौतियों के मद्देनजर अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है। रायसेन कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को जबलपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है, जबकि जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र को मंडी बोर्ड का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।

शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को हटाकर परीक्षित झाड़े को जिले की कमान सौंपी गई है। वहीं, आशीष वसिष्ठ को नर्मदापुरम और अंकित अस्थाना को सिंगरौली का नया कलेक्टर बनाया गया है।

2017 बैच को पहली जिला पदस्थापना की उम्मीद

इस फेरबदल के साथ 2017 बैच के अधिकारियों को पहली जिला पदस्थापना देने की कवायद भी आगे बढ़ी है। आदित्य सिंह और रोहित सिसोनिया की मुख्यधारा में वापसी को भी इस प्रशासनिक बदलाव का अहम पहलू माना जा रहा है।

योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार का फोकस

सूत्रों के मुताबिक, योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय की स्थिति और प्रशासनिक प्रदर्शन भी तबादलों के प्रमुख आधार रहे हैं। मूंग खरीदी से जुड़े आंदोलन के दौरान प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के बाद हरदा और नर्मदापुरम में भी कम अवधि के भीतर कलेक्टर बदलने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की तैयारियों को मजबूत करने के लिए उद्योग विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग को स्वतंत्र सचिव देने और कुमार सत्यम को पूर्णकालिक एमएसएमई आयुक्त बनाने जैसे कदमों को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Created On :   14 Oct 2026 12:03 AM IST

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