MP News: सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का जल्द होगा भूमि पूजन

सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का जल्द होगा भूमि पूजन
437 एकड़ जमीन अधिग्रहण की भी तैयारियां चल रही

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र शासन ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए देवास रोड पर स्थित शासकीय दताना-मताना हवाई पट्टी को भारत सरकार की एयरपोर्ट अथाॅरिटी को सौंप रखा है। अब इसे बोइंग और बड़े विमान, एटीआर (ATR-72) जैसे विमानों और नाइट लैंडिंग के रुप में विकसित किया जाना है। नये विमानतल के निर्माण के लिये भूमि पूजन की तैयारियां शुरु हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहां स्थित हवाई पट्टी अभी करीब एक हजार मीटर लम्बी है ओर इसमें बड़े विमान उतारने के लिये इसे 2700 मीटर तक बनाया जायेगा। एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इण्डिया इस पर नई यात्री बिल्डिंग बनाने एवं हवाई पट्टी का विस्तार करने के लिये भूमि पूजन करायेगा। विमानतल के लिये करीब 241 एकड़ अतिरिक्त भूमि 180 किसानों से अधिगृहित की जा रही है। वर्तमान में हवाई पट्टी पर उपलब्ध भूमि इतनी तो है कि उस पर नई बिल्डिंग बन सके अौर 2700 मीटर तक हवाई पट्टी बनाई जा सके, इसलिये एयरपोर्ट अथाॅरिटी भूमि पूजन के बाद तत्काल निर्माण कार्य शुरु करेगा। शेष अधिगृहित भूमि बड़े विमानों को उतारने के लिये आसपास पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के उपयोग में लाई जाएगी। यह अधिग्रहण 31 दिसम्बर 2026 के पहले पूरा कर लिया जायेगा। इस एयरपोर्ट को ग्रीनफील्ड के रूप में विकसित करने की योजना है।

उतर सकेंगे बोइंग 320

ज्ञात हो कि, अप्रैल 2026 में मप्र कैबिनेट ने उज्जैन हवाई पट्टी में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रूपये की मंजूरी दी जा चुकी है। भारत सरकार की आरसीएस-उड़ान योजना के तहत उज्जैन हवाई पट्टी को बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिये बनाया जाएगा। इसके विकास-विस्तार करने के लिये मप्र शासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच अनुबंध व एमओयू भी हो चुका है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटटी को जमीन उपलब्ध कराई जाती है। कैबिनेट ने कुल 437.5 एकड़ जमीन के अिधग्रहण की स्वीकृति भी दे रखी है।

दरअसल, उज्जैन, देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां दक्षिणमुखी ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर और सांदीपनी आश्रम है। सिंहस्थ महाकुंभ भी होना है। वर्तमान आंकलन के अनुसार सिंहस्थ में 40 करोड़ श्रृद्धालुओं के आने का अनुमान है। विक्रम उ‌द्योगपुरी व औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। महाकाल लोक निर्माण के बाद महाकालेश्वर के दर्शनार्थियों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। इसमें देशी-विदेशी पर्यटक और श्रृद्धालु शामिल है। प्रस्तावित एयरपोर्ट से महाकाल मंदिर लगभग 20 किमी दूर हैं।

Created On :   7 July 2026 1:33 AM IST

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