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शासन ने 1404 ईवी सप्लाई इक्विपमेंट के लिए केंद्र को दिया प्रस्ताव, जबलपुर में होंगे 384 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत मप्र में कुल 1404 ई-वाहन चार्जिंग (ईवीएसई) लगाए जाना है। इसके लिए मप्र, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने केंद्र (मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्री) को प्रस्ताव भेजा है। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिए मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह एजेंसी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण और संचालन करेगी। नगरीय विकास एवं आवास द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में जबलपुर में सबसे ज्यादा 384 इलेक्ट्रिक व्हीकल सप्लाई इक्विपमेंट (ईवीएसई) का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही अन्य 5 जिलों में सतना, सागर, भोपाल और इंदौर में भी चार्जिंग स्टेशन प्रारंभिक तौर पर लगाए जाने का प्रस्ताव भेजा है। केंद्र की मंजूरी के बाद चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर भी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। ये पब्लिक सेक्टर के उपयोग के लिए होंगे। आपको बता दें योजना के तहत ईवी सहित सार्वजनिक चार्जिंग अवसंरचना स्थापित करने के लिए 2000 करोड़ रुपये केंद्र खर्च कर रही है। इसमें देश भर में शहरों की आबादी और वाहनों की संख्या के अनुसार प्रमुखता दी जा रही।
लोकेशन कैटगरी के अनुसार सब्सिडी
ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन के लिए लोकेशन के अनुसार कैटेगरी बांटी गई है। ए- कैटेगरी में सरकारी ऑफिस, सरकारी रिहायशी कॉम्प्लेक्स, सरकारी अस्पताल, सरकारी शिक्षण संस्थान या कोई अन्य सरकारी संस्थान शामिल हैं। यह फ्री पब्लिक एक्सेस होगा। अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 प्रतिशत और ईवीएसई पर 100 प्रतिशत सब्सिडी है। बी- कैटेगरी में शहरों और हाईवे पर मौजूद सरकारी जगहें शामिल है।इसमें अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 80 प्रतिशत और ईवीएसई पर 70 प्रतिशत सब्सिडी है। सी- कैटेगरी में अन्य जगहों को शामिल किया गया है। जिसमे शहर - सड़कें, शॉपिंग मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। हाईवे, एक्सप्रेस वे अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 80 प्रतिशत और D-कैटेगरी के तहत किसी भी जगह पर लगाए गए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन या बैटरी चार्जिंग स्टेशन अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी है।
क्या है अपस्ट्रीम और ईवीएसई?
अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर में आमतौर पर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर, एलटी व एचटी केबल, एसी डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स, सर्किट ब्रेकर व आइसोलेटर और अन्य सुरक्षा उपकरण, ट्यूबलर या पीसीसी माउंटिंग स्ट्रक्चर, फेंसिंग और सिविल कार्य शामिल होते हैं। वहीं ईवीएसई में चार्जिंग गन सहित चार्जर शामिल है।
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कहां कितने चार्जिंग स्टेशन
शहर - संस्था का नाम - कुल ईवीएसई
जबलपुर - जेसीटीएसएल - 384
इंदौर - एआईसीटीएसएल - 251
ग्वालियर - म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन - 128
भोपाल - बीसीएलएल - 361
सतना - एससीटीएसएल - 44
सागर - एससीटीएसएल - 236
कुल - 1404
कैटेगरी के अनुसार चार्जिंग लोकेशन
शहर A B C D
जबलपुर 43 32 - -
इंदौर 18 33 7 6
ग्वालियर 17 13 - -
भोपाल 46 37 - -
सतना 7 3 - -
सागर 15 22 - -
कुल 146 140 7 6
इनका कहना है
ई-वाहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र को पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत केंद्र को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। प्रदेशभर में 1404 ईवीएसई का प्रस्ताव है। परीक्षण और स्वीकृत के बाद प्रक्रिया शुरू होगी। इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग से प्रदूषण में काफी कमी होगी। पर्यावरण को सुरक्षित रहेगा।
अक्षत बुंदेला, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन
Created On :   7 July 2026 2:36 AM IST













