MP News: अनुसचिवीय पदों पर 2011 के पहले भर्ती पुलिसकर्मियों को अब बुनियादी कोर्स पास करने की बाध्यता खत्म

अनुसचिवीय पदों पर 2011 के पहले भर्ती पुलिसकर्मियों को अब बुनियादी कोर्स पास करने की बाध्यता खत्म
मप्र के डीजीपी कैलाश मकवाणा ने आदेश जारी कर वर्ष 2011 के पूर्व अनुसचिवीय (मिनिस्ट्रियल) पदों पर भर्ती हुये पुलिसकर्मियों को बुनियादी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने से छूट प्रदान कर दी है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र के डीजीपी कैलाश मकवाणा ने आदेश जारी कर वर्ष 2011 के पूर्व अनुसचिवीय (मिनिस्ट्रियल) पदों पर भर्ती हुये पुलिसकर्मियों को बुनियादी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने से छूट प्रदान कर दी है। आदेश में कहा गया है कि अनुसचिवीय संवर्ग के वर्ष 2011 से पूर्व भर्ती हुए सूबेदार, कनिष्ठ शीघ्रलेखक एवं सहायक उप निरीक्षक का बुनियादी प्रशिक्षण, नियमानुसार विधिवत पाठ्यक्रम के अनुसार संपन्न नहीं हो सका था। इसलिये विचारोपरांत, समस्त पुलिस इकाइयों में पदस्थ उक्त श्रेणी के वर्ष 2011 से पूर्व के भर्ती अनुसचिवीय अधिकारियों/कर्मचारियों को बुनियादी प्रशिक्षण से छूट प्रदान की जाती है।

क्या होते हैं अनुसचिवीय पुलिसकर्मी

मप्र पुलिस बल में अनुसचिवीय (मिनिस्ट्रियल) संवर्ग के पद प्रशासनिक, कार्यालयीन (आदतन कागजी कार्रवाई और रिकॉर्ड प्रबंधन) कार्यों के लिए होते हैं, न कि मैदानी या कानून-व्यवस्था संभालने के लिए। सूबेदार (अ/शीघ्रलेखक) उच्च अधिकारियों (जैसे पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक आदि) के कार्यालय में गोपनीय और प्रशासनिक कार्य संभालते हैं। इन्हें हिंदी आलेखन और उच्च गति की टाइपिंग आती है तथा ये अधिकारियों की बैठकों, आदेशों और पत्राचार का रिकॉर्ड रखते हैं। कनिष्ठ शीघ्रलेखक का कार्य आशुलिपि और टंकण से जुड़ा होता है। इनका मुख्य काम कार्यालय में डिक्टेशन लेना, उसे कंप्यूटर पर टाइप करना, फाइलों का रख-रखाव और वरिष्ठ अधिकारियों के दैनिक पत्राचार को पूरा करना होता है।

सहायक उप निरीक्षक (अनुसचिवीय) पुलिस थानों या पुलिस कार्यालयों (जैसे रिजर्व, जिला मुख्यालय, क्राइम ब्रांच) में लिपिकीय और प्रशासनिक कार्य करते हैं। ये स्टाफ के सेवा रिकॉर्ड, जनरल डायरी का रख-रखाव, विभागीय पत्र व्यवहार और रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संभालते हैं। इन पदों पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को भी पुलिस की वर्दी पहननी होती है, जिन पर उनके पद के अनुसार स्टार लगे होते हैं। इनकी ड्यूटी थानों के अंदरूनी या पुलिस मुख्यालय के दफ्तरों में होती है, इन्हें गश्त या सामान्य आपराधिक धरपकड़ जैसी मैदानी ड्यूटियों पर नहीं भेजा जाता है।

Created On :   4 Oct 2026 12:42 AM IST

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