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MP News: वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को अब वस्तुस्थिति से अवगत कराना होगा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्य सरकार ने सभी वन वृतों एवं वनमंडलों के प्रमुखों को नवीन निर्देश जारी कर कहा है कि वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्यवाही के संबंध में यदि किसी व्यक्ति द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की जाती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसे वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए कि उक्त भूमि पर उसका वैध कब्जा नहीं था तथा नियमानुसार कार्यवाही उपरांत ही अतिक्रमण हटाया गया है। इसके बाद संबंधित शिकायत को क्लोज किया जा सकता है। इसी प्रकार, वन श्रमिकों द्वारा की गई शिकायतों के संबंध में संबंधित श्रमिकों को स्पष्ट रूप से सूचित किया जाए कि नवीन श्रमिकों की नियुक्ति संभव नहीं है; इस संबंध में उन्हें कोई आश्वासन न दिया जाए।
नवीन निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन की एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर पर लंबित शिकायतों के प्रभावी निराकरण हेतु समस्त मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक एवं वनमण्डलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में सप्ताह में दो बार शिकायतकर्ताओं से संपर्क करें, शिकायत पर विस्तृत चर्चा करें एवं संभागीय स्तर पर क्षेत्र में शिविर (कैम्प) आयोजित करें, शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार करें तथा अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करें, जिससे शिकायतों का यथाशीघ्र उचित समाधान किया जा सके।
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इसी प्रकार, पशुहानि प्रकरणों में 7 दिवस एवं जनहानि के मामलों में पीड़ित परिवार को 72 घंटे के भीतर राहत राशि उनके खाते में अंतरित की जानी चाहिए। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूचि लेकर समस्त औपचारिकताओं जैसे शव परीक्षण आदि की पूर्ति कर कार्य पूर्ण करें। सिवनी, उमरिया, मंडला, बड़वानी एवं बालाघाट वन मण्डलों में ऐसे मामले अधिक हैं, इस विषय पर विशेष ध्यान दें। वनमण्डल नरसिंहपुर में मालिक मकबूजा प्रकरणों में भुगतान संबंधी शिकायतें वनमण्डलाधिकारी मैहर द्वारा जनहानि प्रकरणों का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत वन्यप्राणियों द्वारा कारित जनहानि/पशुहानि से संबंधित लगभग 640 आवेदन अपूर्ण स्थिति में हैं। समस्त संबंधित आवेदकों से संपर्क कर आवेदन पूर्ण कराए जाएं तथा जिन आवेदनों का निराकरण पूर्व में हो चुका है किंतु पुनरावृत्ति के रूप में दर्ज हैं, उन्हें प्रणाली से हटाया जाए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत आवेदन भरने में आवेदकों को समुचित सहायता प्रदान की जाए, जिससे अपूर्ण आवेदनों की संख्या में कमी की जा सके। इस हेतु विभाग एक निर्देशिका जारी करे, जो समस्त लोक सेवा केन्द्रों में उपलब्ध रहे।
Created On :   4 Oct 2026 12:45 AM IST













