Nagpur News: दिवाली पर घर वापसी की होड़, स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब; ट्रेनों में सांस लेना भी मुश्किल

  • नागपुर रेलवे स्टेशन से गणेशपेठ बस स्टैंड तक यात्रियों की भारी भीड़
  • कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल, जनरल डिब्बों में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की
  • स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त बसें भी पड़ रहीं कम, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Nagpur News दिवाली में अब महज 3 दिन शेष हैं। ऐसे में घर लौटने वालों की भीड़ नागपुर रेलवे स्टेशन और गणेशपेठ बस स्टैंड पर उमड़ पड़ी है। शहर से अपने गांव जाने वाले और बाहर से नागपुर पहुंचने वाले यात्रियों की भारी संख्या के चलते दोनों जगहों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। ट्रेनों में जबर्दस्त भीड़ है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।

गुरुवार दोपहर नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर यात्रियों का हुजूम देखने को मिला। टिकट काउंटर से लेकर वेटिंग हॉल तक लंबी कतारें लगी थीं। कई यात्री फर्श पर चादर बिछाकर ट्रेन का इंतजार करते नजर आए। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही जनरल डिब्बों में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। हालात ऐसे हैं कि कुछ यात्री दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। कोई खिड़की से सामान अंदर पहुंचा रहा है तो कोई सामान रखने वाली बर्थ पर ही जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, नागपुर मध्य भारत का प्रमुख रेलवे जंक्शन है। यहां से रोजाना 200 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। दिवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ जाती है। रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं, लेकिन वे भी पूरी तरह भरी चल रही हैं। दूसरी ओर, गणेशपेठ बस स्टैंड पर भी यात्रियों की भारी भीड़ है। अतिरिक्त बसें लगाने के बावजूद यात्रियों की संख्या के मुकाबले इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।

यात्रियों की जुबानी, परेशानी की कहानी

दो दिन से वेटिंग में टिकट : "दो दिन से वेटिंग लिस्ट में हूं। अभी 185 वेटिंग है। अब जनरल डिब्बे में ही जाना पड़ेगा। दिवाली पर घर जाना जरूरी है, चाहे जैसे भी जाना पड़े।" — रामेश्वर राजे, यात्री, गोंदिया

निजी बसों में दोगुना किराया : "गणेशपेठ बस स्टैंड पर भी यही हाल है। निजी बस संचालक दोगुना किराया वसूल रहे हैं। रेलवे को कम से कम त्योहार के दौरान स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ानी चाहिए।" — सुनीता वर्मा, यात्री, चंद्रपुर

गेट पर लटककर सफर : "ट्रेन के भीतर सांस लेना भी मुश्किल है। गेट पर लटककर सफर करना पड़ रहा है। आरपीएफ के जवान भी भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं।" — अमन तांबडे, यात्री, नागपुर


Created On :  

Tags

Next Story