छपारा थाने का मामला: सिमरिया का आरोपी थाने से भागा, पेंगोलिन तस्करी में नाम आया था सामने

May 11th, 2022

डिजिटल डेस्क, सिवनी। वन विभाग की कस्टडी से पेंगोलिन तस्करी का एक आरोपी छपारा थाने से बुधवार तड़के भाग गया। बाथरूम जाने के बहाने वह अंधेरे का फायदा उठाते हुए तेजी से भाग निकला। घटना की जानकारी पर वन और पुलिस विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फरार आरोपी पर धारा 224 का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों ही विभाग की टीम उसकी खोजबीन में लगी है। ज्ञात हो कि एक सप्ताह पहले उत्तर सामान्य वन मंडल की टीम ने ग्राहक बनकर बालाघाट जिले के दो लोगों को जिंदा पेंगोलिन के साथ पकड़ा था। पकड़े गए आरोपी वारासिवनी के नेवरगांव निवासी नेवरगांव निवासी आरोपी प्रभुदयाल बिसेन और मुकेश हनवत को पूछताछ के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

आरोपियों ने उगला था नाम-

पकड़े गए आरोपियों ने छपारा क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम बताए थे। इसमें से छपारा थाना के सिमरिया गांव निवासी 26 वर्षीय बलीराम इनवाती को वन विभाग की टीम ने पूछताछ के लिए छपारा थाने लाया था।उसे थाने के एक खाली कमरे में रखा गया था। इतना ही नहीं उसकी सुरक्षा के लिए  दो कर्मियों को तैनात किया गया था। सुबह करीब तीन बजे उसने बाथरूम जाने की बात कही। जैसे ही उसे बाहर निकाला गया वह तेजी से दौड़ लगाता हुए भाग गया। उसका पीछा किया गया लेकिन पता नहीं चल पाया।

लापरवाही की इंतेहा-

इस मामले में वन विभाग के स्टाफ की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दो कर्मियों  को थाने में रखा गया। जब बाथरूम जाने की बात कही गई तो वहां पर दो कर्मचारी के अलावा कोई नहीं था। जबकि वन विभाग को मालूम था कि पेंगोलिन जैसे वन्यजीव की तस्करी में आरोपी पकड़ाया है तब भी उसकी सुरक्षा नहीं की गई। ज्ञात हो कि छपारा थाने में तीन साल पहले एक आरोपी ने थाने की छत से छलांग लगा दी थी जिसकी मौत हो गई थी।
एसके मरावी,(एएसपी सिवनी) का कहना है कि भागा आरोपी वन विभाग की अभिरक्षा में था। जबकि वन अधिकारियों से कहा गया था कि थाने के लॉकअप में पहले से ही तीन आरोपी हैं। तब एक कमरा खाली होने पर आरोपी को रखा गया था। जवाबदारी वन विभाग की थी।
बासू कनोजिया (डीएफओ, उत्तर सामान्य वन मंडल) ने कहा कि आरोपी कैसे भागा इसकी जांच कराई जा रही है। अभी आरोपी की तलाश जारी है। 

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