जाँचमें जुटी पुलिस, और भी मामले हो सकते हैं उजागर: चीनी और बबलू (रूपाली) की जोड़ी ने सट्टेबाजी से खड़ा किया प्रॉपर्टी का कारोबार

November 24th, 2021

डिजिटल डेस्क जबलपुर। क्रिकेट की सट्टे बाजी में चीनी उर्फ पवन जैन, उसके बेटे पर्व जैन और अन्य आरोपियों का कोई सुराग पुलिस अभी तक नहीं लगा सकी है। हालाँकि यह बात भी सामने आ रही है िक इन सटोरियों ने पुलिस पर भारी दबाव बनाने का प्रयास किया था। लेकिन उनकी ये सारी कोशिशें नाकाम ही रहीं। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी चीनी और उसके दोस्त बबलू जैन (रूपाली) ने मिलकर सट्टे बाजी के रुपयों से जमीन का बड़ा कारोबार खड़ा कर लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बबलू जैन (रूपाली) और चीनी ने हाल ही में जबलपुर-नागपुर हाईवे पर 20 करोड़ की बेशकीमती जमीन भी खरीदी है। जिसके संबंध में पुख्ता प्रमाण जुटाए जा रहे हैं। इस मामले में कोतवाली, लार्डगंज और क्राइम ब्रांच में पदस्थ कई पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जिसको लेकर एसपी ने जाँच के निर्देश भी जारी किए हैं।
चीनी की बैसाखी बन गया था बबलू (रूपाली) -
पुलिस सूत्रों के अनुसार चीनी को क्रिकेट के सट्टे में पिछले एक साल के दौरान लम्बा घाटा लगा था। पुलिस सूत्र बताते हैं िक इसी घाटे की पूर्ति के लिए चीनी ने बबलू से मदद माँगी, चूँकि चीनी के सट्टा जगत में हर स्तर पर बड़े संपर्क थे। लिहाजा बबलू जैन (रूपाली) उसका पार्टनर बन गया और फिर ये दोनों मिलकर साथ में काम करने लगे।
गोवा मीट में बबलू की हुई थी एण्ट्री-
पुलिस सूत्रों के अनुसार टी-20 वल्र्ड कप के पहले जबलपुर और आसपास के जिलों के बड़े सटोरियों ने गोवा के एक रिसॉर्ट में मीटिंग की थी। जिसमें चीनी ने बबलू जैन (रूपाली) की क्रिकेट के बड़े सट्टेबाजों से मुलाकात करवाई थी। इतना ही नहीं इन दोनों के फार्म हाउस बाहर से तो अलग-अलग थे लेकिन अंदर से ये इंटरकनेक्ट भी थे।
फार्म हाउस संचालक ने रखी अपनी बात-
वहीं ब्रजेश जैन ने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखा है। इसमें उन्होंने कहा कि वे चौकीताल स्थित अपना फार्म हाउस पवन जैन नामक वयक्ति को किराए पर दे चुके हैं। सट्टा जैसी किसी भी गतिविधि से उनका कोई संबंध नहीं है।

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