चारधाम यात्रा: चारधाम यात्रा में फिर आई रुकावट, यमुनोत्री हाईवे की सड़क धंसी, 3 हजार से ज्यादा यात्री फंसे होने की आशंका, 6 तीर्थ यात्रियों की मौत

May 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चारधाम यात्रा पर मौसम की मार लगातार जारी है। मूसलाधार बारिश से लैंड स्लाइड जैसी घटनाएं आए दिन घट रही हैं। इस बीच यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी एवं रानाचट्टी की सड़क धंस गई है। बताया जा रहा है कि सड़क धंसने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। जिस वजह से यमुनोत्री में लगभग 3 हजार यात्री फंस गए। आवागमन रुकने से मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्रियों द्वारा मार्ग के खुलने का इंतजार किया जा रहा है। हाईवे के अधिशासी अभियंता राजेश पंत के अनुसार, सड़क को जल्द ही दुरुस्त करके इसे खोल दिया जाएगा। हमारी टीम मार्ग ठीक करने में लगी हुई है। 

6 यात्रियों ने गंवाई जान

चार धाम यात्रा में शामिल हुए 6 श्रध्दालुओं ने हार्टअटैक से अपनी जान गंवा दी है। इस बात की पुष्टि रुद्रप्रयाग के सीएमओ डॉ. बीके शुक्ला ने की। उन्होंने बताया कि, प्रदीप कुलकर्णी निवासी (61) पुणे महाराष्ट्र, और बंशीलाल (57) निवासी मंदसौर, मध्य प्रदेश, बदरीनाथ में बीना बेन (55) निवासी गुजरात की हार्टअटैक से मृत्यु हो गई। इनके अलावा ऋषिकेश में चारधाम की यात्रा करके लौटे अवधेश नारायण तिवारी (65)  निवासी साहो आमला गोरखपुर, यूपी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं, हरिद्वार और ऋषिकेश के मंदिरों के दर्शन के लिए आईं सौरम बाई (49) निवासी धार, मध्य प्रदेश और उमेश दास जोशी (58) निवासी मलाड, मुंबई की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।

इस बार शामिल हुए रिकॉर्ड श्रध्दालु 

इस बार चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की तादाद अन्य वर्षों की तुलना में ज्यादा है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की वजह से यात्रा का स्लॉट पूरा हो गया है। जिस वजह से अब  रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के लोगों को यात्रा में नहीं जाने दिया जा रहा। वहीं पर्यटन विभाग के सचिव दिलीप जावलेकर ने मीडिया को बताया कि अब ऑफलाइन पंजीकरण सिर्फ एक सप्ताह के भीतर ही होगा।

गौरतलब है कि ऑफलाइन बुकिंग कर यात्री जुलाई, अगस्त की बुकिंग करा कर सीधे यात्रा पर निकल जा रहे थे। इस कारण यात्रा में तय संख्या से अधिक यात्री पहुंच गए। इस वजह से ही पर्यटन विभाग द्वारा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को सात दिन के लिए रोकने का निर्णय लिया गया। 27 मई तक यात्रा के स्लॉट पैक हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ ऋषिकेश और हरिद्वार में फंसी हुई है। इस समय उनके पास केवल दो ही विकल्प हैं या रजिस्ट्रेशन के खुलने का इंतजार करें या वापस लौट जाएं।