दैनिक भास्कर हिंदी: मिलिए एमपी के सबसे छोटे वकील से, डायस पर खड़े होकर रखते हैं अपनी दलील

March 8th, 2018

 

डिजिटल डेस्क । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अनवर खान पेशे से वकील हैं, जिला कोर्ट में जब अनवर हाथ में फाइलें लेकर और काला कोट पहनकर निकलते हैं तो देखने वाले हैरान रह जाते हैं। अब आप भी सोच रहे होंगे कि वकील को देखकर कोई कैसे चौंक सकता है। दरअसल पेशे से वकील अनवर का कद साढ़े तीन फीट है, जिसके चलते वो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। इंसान अपने कद से नहीं अपने कर्मों से बड़ा बनता है। इसी बात को साबित एमपी के सबसे छोटे वकील अनवर साबित कर रहे हैं। 

खासतैर पर लगता है डायस 

भले ही आज अनवर टॉप वकीलों की लिस्ट में शामिल हों, पर अपनी हाइट के कारण उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग अनवर का मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज यही साढ़े तीन फीट के अनवर खान दूसरो के लिए मिसाल बन गए हैं। एक वक्त था जब अनवर को कोर्ट में छोटे कद के ताने मारे जाते थे, लेकिन अब उनके लिए अलग से डायस रखा जाता है। जिस पर खड़े होकर वो अपनी दलीलें रखते हैं। अब भी ऐसा होता है जब भोपाल जिला कोर्ट के गलियारों में घूमते साढ़े तीन फीट के अनवर खान को देखकर लोग अक्सर चौंक जाते हैं। हाथ में फाइलें और काला कोट पहने जब अनवर खान कोर्ट में दाखिल होते हैं, तो लोगों की नजरें उन पर ठहर जाती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शायद किसी को उम्मीद नहीं होती की कोई छोटे कद का इंसान वकालत भी कर सकता है।

 

अनवर का कद साढ़े तीन फीट के लिए इमेज परिणाम

 

ऐसे बने अनवर वकील

साढ़े तीन फीट हाइट और 40 किलो वजन वाले अनवर के वकील बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। 17 साल पहले अनवर अपने रिश्तेदार की बाइक को छुड़वाने को लेकर पुरानी अदालत में वकील जगदीश गुप्ता से मिले थे। अनवर का कद देखकर पहले तो वकील जगदीश गुप्ता चौंक गए, लेकिन वो उनकी बातचीत से बहुत प्रभावित हुए और उन्हें लॉ करने की सलाह दी। उस समय वो बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे। रिश्तेदार के केस के चक्कर में अनवर कई बार कोर्ट गए और जगदीश गुप्ता से मिले। यही वो समय था, जब अनवर ने लॉ की पढ़ाई शुरू की और एलएलबी की डिग्री के बाद वकील जगदीश गुप्ता के अंडर में प्रैक्टिस भी की। अब अनवर खान एक अच्छे वकील हैं। उनके पास वकालत का 14 साल का लंबा अनुभव भी है। अनवर खान अपने सीनियर वकील जगदीश गुप्ता के साथ प्रदेश के कुख्यात बदमाश मुख्तार मलिक का केस भी लड़ चुके हैं। अनवर का हौंसला ही जिससे उन्होंने वकालत की दुनिया में खुद को स्थापित किया और छोटे कद के बावजूद अपना मुकाम हासिल किया।