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अजब-गजब: दुनिया का एक ऐसा देश जहां मुस्लिम तो रहते हैं, लेकिन यहां नहीं है एक भी मस्जिद

September 10th, 2020 16:56 IST
अजब-गजब: दुनिया का एक ऐसा देश जहां मुस्लिम तो रहते हैं, लेकिन यहां नहीं है एक भी मस्जिद

डिजिटल डेस्क। दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहां मुस्लिम तो जरूर रहते हैं लेकिन यहां एक भी मस्जिद नहीं है। इतना ही नहीं इस देश में मस्जिद बनाने की अनुमति भी नहीं है। इस देश का नाम है स्लोवाकिया। स्लोवाकिया में जो मुस्लिम है वो तुर्क और उगर हैं और 17 वीं सदी से ही यहां रह रहे हैं। साल 2010 में स्लोवाकिया में मुस्लिमों की आबादी 5,000 के आसपास थी।

स्लोवाकिया यूरोपीय यूनियन का सदस्य भी है। लेकिन वो एक ऐसा देश है, जो सबसे आखिर में इसका सदस्य बना। इस देश में मस्जिद बनाने को लेकर विवाद भी होता रहा है। साल 2000 में स्लोवाकिया की राजधानी में इस्लामिक सेंटर बनाने को लेकर भी विवाद हो गया। ब्रातिसिओवा के मेयर ने स्लोवाक इस्लामिक वक्फ फाउंडेशन के सभी प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

साल 2015 में यूरोप के सामने शरणार्थियों का प्रवास एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था। उस समय स्लोवाकिया ने 200 ईसाइयों को शरण दी, लेकिन मुस्लिम शराणार्थियों को आने से मना कर दिया। इसपर स्प्ष्टीकरण देते हुए स्लोवाकिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके यहां मुस्लिमों के इबादत की कोई जगह नहीं है, जिसके कारण मुस्लिमों को शरण देना देश में कई समस्याएं पैदा कर सकता है। हालांकि, इस फैसले का यूरोपीय यूनियन ने भी आलोचना की।

30 नवंबर 2016 को स्लोवाकिया ने एक कानून पास कर  इस्लाम को आधिकारिक धर्म का दर्जा देने पर रोक लगा दी। यह देश इस्लाम को एक धर्म के रूप में नहीं स्वीकार करता है। यूरोपीय यूनियन में स्लोवाकिया एकमात्र ऐसा अकेला देश है, जहां एक भी मस्जिद नहीं है। स्लोवाकिया में ध्वनि प्रदूषण से निपटने के लिए भी एक कड़ा कानून है। इस देश में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक आप किसी से खराब व्यवहार में बात नहीं कर सकते हैं और ना ही हल्ला मचा सकते हैं। अगर ऐसा कोई करता है, तो उसे पुलिस पकड़ सकती है, और जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।