संजय राउत और गृहमंत्री को कंगना का जवाब: महाराष्ट्र किसी के बाप का नहीं, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया

संजय राउत और गृहमंत्री को कंगना का जवाब: महाराष्ट्र किसी के बाप का नहीं, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया

Bhaskar Hindi
Update: 2020-09-04 13:33 GMT
संजय राउत और गृहमंत्री को कंगना का जवाब: महाराष्ट्र किसी के बाप का नहीं, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान पर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। कंगना ने शिवसेना सांसद संजय राउत पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुंबई की तुलना पीओके से की थी। इसके बाद से कंगना लगातार ट्रोल हो रही हैं। चूंकि उनका ये बयान शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ था, ऐसे में अब पूरी शिवसेना भी उनके पीछे पड़ गई है, लेकिन कंगना रनौत न डरी हैं और न ही अपने बयानों से पीछे हट रही हैं। वे अभी भी लगातार ट्वीट कर अपने विरोधियों पर निशाना साध रही हैं। वहीं इस पर राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि कंगना को मुंबई में रहने का अधिकार नहीं है। अब शिवसेना और मनसे ने इस मुद्दे को मराठी अस्मिता से जोड़ लिया है।

अब एक बार फिर कंगना ने संजय राउत पर हमला बोला है। उन्होंने खुद को एक मराठा बता दिया है। वे ट्वीट कर लिखती हैं- किसी के बाप का नहीं है महाराष्ट्र, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया है। और मैं डंके की चोट पे कहती हूं हॉ मैं मराठा हूं ,उखाड़ो मेरा क्या उखाड़ोगे? सिर्फ यही नहीं कंगना ने एक और ट्वीट कर अपने विरोधियों को चापलूस बता दिया है। एक्टट्रेस मानती हैं कि जो लोग इस समय उन्हें घेरने की कोशिश कर रहे हैं, ये वहीं लोग हैं जिन्होंने उनकी फिल्मों का विरोध तब किया था जब उन्होंने बड़े पर्दे पर रानी लक्ष्मी बाई का रोल प्ले किया था। 

 

 

कंगना ट्वीट कर लिखती हैं- जो भी चापलूस इस समय महाराष्ट्र की तरफ अपना प्यार दिखा रहा है, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि मैं पहली एक्टर और डायरेक्टर हूं जो मराठा सम्मान शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मी बाई को स्क्रीन पर लेकर आई थी, लेकिन उस समय मेरा खूब विरोध किया गया था। कंगना रनौत इस ट्वीट में अपनी फिल्म मणिकर्णिका की बात कर रही हैं। फिल्म में उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई का रोल प्ले किया था। अब कहने को कंगना ने इस ट्वीट के जरिए ये बताने की कोशिश की है कि वे भी महाराष्ट्र की संस्कृति का खूब सम्मान करती हैं, लेकिन महाराष्ट्र से प्यार करने वालों को चापलूस कहना एक्ट्रेस को फिर विवादों में डाल सकता है।

कंगना ने एक ओर ट्वीट कर कहा कि इनकी औकात नहीं है, इंडस्ट्री के 100 सालों में एक भी फिल्म मराठा प्राइड पे बनाई हो, मैंने इस्लाम डॉमिनेट इंडस्ट्री में अपनी जान और करीयर को दाओ पे लगाया, शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई पे फिल्म बनाई, आज महाराष्ट्र के इन ठेकेदारों से पूछो किया क्या है महाराष्ट्र के लिए? 

इसके बाद कंगना ने एक ओर ट्वीट कर कहा कि एक महान पिता की संतान होना ही आपकी एक मात्र उपलब्धि नहीं हो सकती, आप कौन होते हैं मुझे महाराष्ट्र प्रेम या नफरत का सर्टिफिकेट देने वाले? आपने यह कैसे निर्धारित कर लिया की आप महाराष्ट्र को मुझसे ज्यादा प्रेम करते हैं? और अब मुझे वहां आने का कोई हक नहीं?

कंगना को मुंबई में रहने का हक नहीं
इसके पहले देशमुख ने कहा, मुंबई पुलिस की तुलना स्कॉटलैंड यार्ड से की जाती है। कुछ लोग मुंबई पुलिस को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कंगना ने जिस तरह मुंबई पुलिस के बारे में बयान दिया, उन्हें मुंबई में रहने का हक नहीं है। दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से कंगना आक्रामक हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाने के साथ ही महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला है। इस पर राउत ने कंगना को मुंबई में नहीं आने की सलाह दी थी।

9 सितंबर को मुंबई आ रही हूं, दम है तो रोक लो- कंगना 
कई लोग मुझे धमकी दे रहे हैं कि मुंबई न आएं। मैं 9 सितंबर को मुंबई आ रही हूं। अगर किसी के बाप में दम हो तो रोक ले। जल्द ही मैं मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचने का समय भी बताऊंगी। 

मुंबई मराठियों के बाप की है : राउत
हां, मुंबई मराठियों के बाप की है। शिवसेना किसी को धमकी नहीं देती बल्कि सड़क पर उतरकर जवाब देती है। वो बाप की भाषा बोल रही हैं तो आने दो, हम भी देख लेंगे। ये कंगना नहीं बोल रही हैं। मुंबई के खिलाफ बोलने के लिए कोई न कोई राजनीतिक दल या पावर सेंटर का उन्हें समर्थन है। मुंबई के बारे में इस तरह का माहौल बनाकर बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।

कंगना पर दर्ज हो देशद्रोह का केस: मनसे
राज ठाकरे की पार्टी मनसे से जुड़ी चित्रपट सेना के अध्यक्ष अमेय कोपकर ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से करने पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है। कोपकर ने कहा, मुंबई पुलिस पर कंगना के बयान से कोई भी सच्चा मुंबईकर सहमत नहीं होगा। कोपकर ने कंगना को मानसिक बीमारी का इलाज कराने की सलाह दी है।

भाजपा का यू टर्न, कहा- कंगना मुंबई और महाराष्ट्र को न सिखाएं
कंगना के बयान पर मराठी अस्मिता का मुद्दा गरम होने के बाद भाजपा ने यू टर्न ले लिया है। गुरुवार को भाजपा विधायक राम कदम ने कंगना का समर्थन किया था लेकिन शुक्रवार को पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा कि भाजपा कंगना के मुंबई पर दिए बयान से सहमत नहीं है। कंगना मुंबई और महाराष्ट्र को सिखाने का प्रयास न करें। दूसरी ओर, शेलार ने शिवसेना सांसद संजय राऊत को भी लपेटे में लिया और कहा कि वह कंगना की आड़ लेकर भाजपा पर वार न करें।

भाजपा के हाथों में खेल रही कंगना: कांग्रेस 
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने मुंबई की तुलना पीओके से करके कंगना ने 13 करोड़ मराठियों का अपमान किया है। किसी भाजपा नेता ने कंगना के बयान की निंदा नहीं की। महाराष्ट्र को अपमानित करने के लिए भाजपा लगातार कोशिश कर रही है। कंगना भाजपा के हाथों में खेल रही हैं।

 

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