औरंगाबाद: मालगाड़ी से कटकर 16 मजदूरों की मौत, 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

औरंगाबाद: मालगाड़ी से कटकर 16 मजदूरों की मौत, 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

Bhaskar Hindi
Update: 2020-05-08 02:32 GMT

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना संकट के बीच महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। यहां रेलवे ट्रैक पर सो रहे एक दर्जन से अधिक प्रवासी मजदूरों के ऊपर से ट्रेन गुजर गई। इस हादसे में करीब 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। इन्हें औरंगाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। औरंगाबाद के करमाड स्टेशन के पास औरंगाबाद-जालना रेलवे ट्रैक पर यह हादसा हुआ। हालांकि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे की चपेट में आए सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। रेल मंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुआवजे का ऐलान किया है।

मृतकों के परिजनों का पांच-पांच की लाख की मदद, अब तक एक लाख मजदूर भेजे गए गांव 

मजदूरों की मौत पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार के शिविर में रुके प्रवासी मजदूरों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को रेल दुर्घटना में मारे गए मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मजदूरों को जल्द से जल्द उनके घर भेजने की कोशिश कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने मजदूरों के लिए सभी व्यवस्था की है। अंतिम मजदूर के घर जाने तक सरकार की यह व्यवस्था जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार से लगातार मांग कर रहा हूं कि मजदूरों को घरों तक भेजने के लिए अधिक से अधिक ट्रेन चलाई जाए। इस लिए प्रवासी श्रमिक धैर्य न छोड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब एक लाख मजदूरों को विशेष श्रमिक ट्रेन के माध्यम से उनके गांव तक पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजदूरों के लिए मुंबई से भी ट्रेन चलाई जाएगी। इसके बारे में जल्द सूचना दी जाएगी। 

प्रवासी मजदूरों के लिए उड़नदस्ता तैयार करे सरकारः पवार

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि मजदूरों के लिए उडनदस्ता तैयार किया जाए। जिससे उन्हें सुविधाएं पहुचाई जा सके। पवार ने कहा कि औरंगाबाद के समीप हुई रेल दुर्घटना में श्रमिकों की मौत व्यथित करने वाली घटना है। इस लिए अब केंद्र व राज्य सरकार मिल कर मजदूरों की समस्याओं का समाधान करें। पवार ने कहा कि लॉकडाउन के चलते पैदल अपने घरों को जा रहे मजदूरों की समस्या विकट है। यदि असंगठित मजदूरों रोजगार के अभाव में जा रहे हैं तो ठेकेदार व कंपनी मालिक उनका ख्याल रखें।    
 
 

जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण फंसे करीब 20 प्रवासी मजदूर औरंगाबाद से उनके गांव जानेवाली ट्रेन पकड़ने के लिए जालना से औरंगाबाद पैदल जा रहे थे। लगभग 36 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वे थक गए और आराम करने के लिए सटाना शिवार इलाके में रेलवे ट्रैक पर अपना बिस्तर लगा लिया और सो गए। शुक्रवार सुबह करीब 5.30 बजे एक मालगाड़ी ट्रैक पर सो रहे मजदूरों को कुचलते हुए गुजर गई। हादसे में 16 मजदूरों की जान चली गई। जबकि कुछ मजदूर घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है।

मृतकों के नाम- प्रदीप सिंह गोंड (उमरिया), धन सिंह गोंड (शहडोल), धर्मेंद्र सिंह गोंड (शहडोल), राज भवन, शिव दयाल, नेम सहाय सिंह, मुनीम सिंह (उमरिया), बुधराज सिंह, अचेलाल, रवींद्र सिंह, ब्रिजेंद्र सिंह, निरबेश सिंह, बताए गए हैं।

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साउथ सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ ने बताया आरपीएफ और स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई है। रेल मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के ट्रैक पर कुछ मजदूरों को देखने के बाद मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन दुर्भाग्य से ट्रेन उनके ऊपर से निकल गई।

पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल हादसे पर दुख व्यक्त किया है और इस घटना को लेकर पीएम ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी बात की।

रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश
रेल हादसे को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का समाचार दुखद। फिलहाल राहत कार्य जारी है और जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

राहुल गांधी ने व्यक्त किया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मजदूरों की मौत पर दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राहुल ने ये भी कहा कि, हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किये जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए।

सीएम शिवराज ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे का शिकार हुए सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। हादसे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया और मुआवजे का ऐलान भी किया। मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज की व्यवस्था की जाएगी। 

वहीं महाराष्ट्र सरकार भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देगी।

जानिए आखिर कैसे मालगाड़ी की चपेट में आए मजदूर
दक्षिण मध्य रेलवे के प्रवक्ता राकेश ने बताया, एक खाली पेट्रोलियम टैंकर ट्रेन (मालगाड़ी) तेलंगाना के चेरलापल्ली से महाराष्ट्र के मनमाड के पास पनवाड़ी तक जा रही थी। बदनपुर स्टेशन से गुजरने के बाद लोकोपायलट ने कुछ लोगों को पटरियों पर देखा और ट्रेन को नियंत्रित करने की कोशिश की, हॉर्न बजाया लेकिन जब तक वह ट्रेन को रोक पाता तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

नींद खुलने से बची तीन की जान
औरंगाबाद के रेलवे स्टेशन प्रबंधक अशोक निकम ने बताया मालगाड़ी के नीचे आकर रेल पटरी पर सो रहे 16 मजदूरों की मौत हो गई। एक व्यक्ति बुरी तरह से जख्मी हुआ है। तीन लोग हादसे के समय नींद खुल जाने से अपनी जान बचाने में सफल तो रहे, लेकिन घायल हो गए। यह जानकारी दी। सभी घायलों का औरंगाबाद के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (घाटी) में उपचार किया जा रहा है। 

गुरुवार की शाम भुसावल के लिए पैदल निकले थे मजदूर
हादसा शुक्रवार (8 मई) सुबह करीब साढ़े पांच बजे जालना-औरंगाबाद रेल मार्ग पर करमाड के गाढ़े जलगांव परिसर में हुआ। सभी मजदूर मध्य प्रदेश के शहडोल व उमरिया जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जो गुरुवार (7 मई) को शाम में करीब 7 बजे भुसावल के लिए निकले थे और वहां से शुक्रवार शाम को छूटने वाली विशेष ट्रेन पकड़कर अपने गांव जाने की तैयारी में थे।

स्टील फैक्ट्री में करते थे काम 
औरंगाबाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मोक्षदा पाटील ने बताया, कोरोना के चलते लॉकडाउन जारी रहने से परेशान होकर जालना की चंदनझिरा परिसर स्थित एक स्टील फैक्ट्री में काम करने मध्य प्रदेश के करीब 20 मजदूर अपने-अपने गांव जाने के इच्छुक थे। वे सभी भुसावल से मध्य प्रदेश के लिए रवाना होने वाली विशेष ट्रेन में स्थान पाने के लिए गुरुवार की शाम पैदल ही रेल पटरी के जरिये औरंगाबाद की ओर चल दिए थे। रास्ते में थक जाने के कारण उन्होंने औरंगाबाद से करीब 15 किलोमीटर दूर जालना-औरंगाबाद रेल मार्ग पर करमाड़ के समीप गाढ़े जलगांव परिसर में रेल पटरी पर ही आराम करने की सोची और आंख लग जाने के कारण उन्हें मालगाड़ी के ट्रैक पर आने का अहसास भी नहीं हुआ और 16 लोगों की जान चली गई। 

14 मजदूरों की मौके पर मौत, दो ने अस्पताल में तोड़ा दम
करमाड उपविभागीय पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाल नेहुल ने बताया, इनमें से 14 लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दो लोगों ने औरंगाबाद के घाटी अस्पताल में इलाज के दौरान आखिरी सांस ली। तीन लोगों का इलाज जारी है, जिनमें से एक की हालत बेहद गंभीर है। जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, ग्रामीण पुलिस अधिकारी, पुलिस निरीक्षक व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

 

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