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श्रुति हासन की आर्थिक हालत कमजोर, मकान की किस्त भरने तक के नहीं हैं पैसे

श्रुति हासन की आर्थिक हालत कमजोर, मकान की किस्त भरने तक के नहीं हैं पैसे

डिजिटल डेस्क,मुंबई। कोरोना ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तोड़ कर रख दिया है, जिसे संभलने में लंबा समय लगेगा। लॉकडाउन की वजह से आम आदमी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वहीं सिनेमा जगत के लोग भी इससे अछूते नहीं है। कमल हासन की बेटी श्रुति हासन ने इस बात का खुलासा किया है कि, कोविड-19 के कारण चल रहे लॉकडाउन की वजह से उनकी आर्थिक हालत काफी कमजोर हो चुकी है और एक्ट्रेस के पास अपने मकान की किस्त भरने तक के पैसे नहीं है। 

क्या कहा श्रुति ने 

  • श्रुति हासन ने हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को एक इंटरव्यू दिया और कहा कि, 'मैं खुद को घर में बंद रख कोरोना खत्म होने का इंतजार नहीं कर सकती।'
  • श्रुति कहती हैं कि, 'मैं झूठ नहीं बोलूंगी। हमें भी अपने काम पर लौटना होगा क्योंकि मैं भी आम लोगों की तरह आर्थिक तंगी का सामना कर रही हूं। जब भी लोग शूट के लिए तैयार होंगे, मुझे भी घर से बाहर शूट करने जाना होगा. मेरे पास इस समय कई अधूरे शूट्स हैं जो मुझे पूरे करने हैं।'
  • श्रुति की पूरी फैमिली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हुई है। इस नाते आर्थिक मदद को लेकर श्रुति कहती हैं कि, 'मेरे परिवार में सभी अलग-अलग कमाई करते हैं, लेकिन हमारे कई बिल्स भी होते हैं जिसका भुगतान हमें खुद करना होता है, इसलिए मुझे काम पर वापस जाना होगा।'
  • इंडिपेंडेंट श्रुति हासन कहती हैं कि,  'मेरे अपने कुछ दायरे है। मेरे पास माता-पिता नहीं हैं जिनसे मैं मदद मांगूं और वे करेंगे। मैं अपनी जिंदगी में अच्छे और बुरे का फैसला खुद करती हूं। इसलिए ये जिम्मेदारियां भी मेरी हैं।'
  • बता दें कि, श्रुति हासन ने कोरोना काल  से कुछ समय पहले एक घर खरीदा था, जिसकी ईएमआई का भुगतान करने के लिए उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है।
     
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।