comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Dil Bechara: आज रिलीज होगी सुशांत की आखिरी फिल्म, जानें कैसे और कहां देख सकेंगे

Dil Bechara: आज रिलीज होगी सुशांत की आखिरी फिल्म, जानें कैसे और कहां देख सकेंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के करियर की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' (Dil Bechara) आज रिलीज होने जा रही है। सुशांत के फैंस उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को दुनिया को अलविदा कह दिया था। सुशांत की याद में और उन्हें श्रद्धांजति देते हुए इस ​फिल्म को रिलीज किया जा रहा है। सुशांत की आखिरी फिल्म में एक्ट्रेस संजना संघी डेब्यू कर रही हैं।   

'Dil Bechara' इस साल की मोस्ट मचअवेटेड फिल्मों में से एक बन चुकी है, हाल ही में जब  6 जुलाई को फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज किया गया, तो इस ट्रेलर को करोड़ों लोगों ने देखा। ये सुशांत की आई अब तक की सभी फिल्मों में से सबसे ज्यादा बार देखा जाने वाला ट्रेलर बन गया है। आइए जानते हैं इस फिल्म को कैसे और कहां देखा जा सकता है।

मैं स्टार का बेटा नहीं हूं, दोस्ती के कारण टिक सका: विद्युत जामवाल

यहां देखें
दिल बेचारा को 24 जुलाई यानी कि आज ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) पर रिलीज किया जाएगा। खास बात यह कि हॉटस्टार ने इस फिल्म को फ्री कर दिया है। इसका मतलब ये कि यदि दर्शक हॉटस्टार के प्रीमियम मेंबर्स नहीं हैं तब भी वो इसे देख सकेंगे।

समय
यह फिल्म आज शाम 7.30 बजे स्ट्रीम होगी। यहां ध्यान देने वाली बात यह भी कि अधिकांश किसी भी फिल्म या वेब सीरीज को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधी रात 12 बजे ही रिलीज कर दिया जाता है, लेकिन सुशांत की फिल्म के साथ ऐसा नहीं है।

मुझे लोगों के बीच में रहने की याद आ रही है : ध्वनि भानुशाली

फिल्म के बारे में
यह फिल्म दो कैंसर के मरीजों की जिंदगी पर बनीं है, जो कि साल 2012 में आई हॉलीवुड फिल्म 'द फॉल्ट इन अवर स्टार' (The Fault in Our Stars) की ऑफिशियल हिंदी रीमेक है। सुशांत राजपूत की इस फिल्म में सैफ अली खान भी एक छोटी-सी भूमिका में नजर आएंगे। मुकेश छाबरा इस फिल्म से बतौर डायरेक्टर डेब्यू कर रहे हैं। इससे पहले छाबड़ा ने कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर सुशांत सिंह राजपूत को उनकी पहली फिल्म 'काई पो चे' में एक हीरो के रूप में कास्ट किया था। वहीं इस फिल्म का संगीत दिया है ए. आर. रहमान ने और इसके गीत अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं।

कमेंट करें
JuEvS
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।