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Birthday special: जब अभिनेता अरुण गोविल को 'भगवान' मानने लगे थे लोग...

Birthday special: जब अभिनेता अरुण गोविल को 'भगवान' मानने लगे थे लोग...

हाईलाइट

  • किरदार पाने के लिए छोड़ी थी कई बुड़ी आदतें
  • पहले ऑडिशन में हुए थे रिजेक्ट
  • राम के किरदार में सुपर हिट हुए अरुण

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कहते हैं एक अभिनेता अपने अभिनय से समाज में बदलाव ला सकता है। टेलीविजन से लेकर बॉलीवुड तक ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल चुके हैं। लेकिन ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा जब किसी किरदार को भगवान समझकर लोग उसकी पूजा करने लगे हों। 80 के दशक में टेलीविजन पर मशहूर निर्देशक रामानंद सागर टीवी धारावाहिक 'रामायण' लेकर आए। ये धारावाहिक साल 1987 में प्रसारित होना शुरू हुआ और 1988 तक प्रसारित किया गया। इस धारावाहिक ने टेलीविजन की दुनिया में अपनी अलग ही छाप छोड़ी। कहा जाता है कि उस दौर में टीवी धारावाहिक 'रामायण' इतना फेमस हो गया था कि इस धारावाहिक के दौरान लोग अपनी सारे जरुरी काम छोड़कर टीवी पर नजर जमाए बैठ जाते थे। वैसे तो इस धारावाहिक में सभी किरदार ने अपने अभिनय से जान डाल दी थी, लेकिन राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने अपने अभिनय से लोगों के दिलों में अभिनेता भगवान की छाप ज्यादा छोड़ी। आज 62 वां जन्मदिन मना रहे अरुण गोविल के बारे में जानते हैं उन्हीं के जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें...

ऑडिशन में हुए थे रिजेक्ट
भगवान राम की छवि में टीवी पर पहली बार अरुण गोविल ही नजर आए थे। रामानंद सागर का बहुचर्चित धारावाहिक 'रामायण' में राम का किरदार निभाना कोई आसान बात नहीं थी। अरुण गोविल को इसके लिए कई चीजों का त्याग करना पड़ा था। उस दौर में इतने बड़े बजट के सीरियल को रामानंद सागर प्रोड्यूस कर रहे थे। सीरियल में राम का किरदार हासिल करना अरुण गोविल के लिए आसान नहीं था। एक इंटरव्यू के दौरान अरुण गोविल ने बताया था कि कैसे ऑडिशन में रामानंद सागर ने पहले उन्हें रिजेक्ट कर दिया था।

रोल पाने के लिए छोड़ी थी कई बुड़ी आदतें
रामानंद सागर का ऐसा मानना था कि भगवान राम जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जाना जाता है ऐसे किरदार को परदे पर निभाने वाले इंसान में कोई भी बुरी आदत नहीं होनी चाहिए। लेकिन अरुण गोविल को सिगरेट पीने की लत थी। लिहाजा इस रोल को पाने के लिए अरुण ने सिगरेट की लत को छोड़ दिया। भगवान राम का किरदार निभाते-निभाते अरुण ने हमेशा के लिए सिगरेट का साथ छोड़ दिया।

दर्शक घर में लगाते थे अरुण की फोटो, करते थे पूजा 
रामायण में अरुण गोविल की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उस दौरान दर्शक घरों में उनके पोस्टर लगाया करते थे। उनकी पूजा करने लगे थे। वो जहां जाते लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो जाते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद बताया था कि कई बार शूटिंग के दौरान भी लोग उनसे मिलकर अपनी मुसीबतें सुनाने लगते थे।

रामायण के अलावा कई फिल्मों में किया था काम
रामायण के अलावा अरुण ने 'इतनी सी बात' 'श्रद्धांजलि' 'जियो तो ऐसे जियो' 'सावन को आने दो' जैसी कई फिल्मों में भी काम किया है। राम का किरदार कर दर्शकों के दिल में राम बनकर बस जाने वाले अरुण ने अब खुद को अभिनय से दूर कर लिया है। अरुण गोविल 12 जनवरी को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज भी लोगों के मन से उनकी राम की छवि वैसी ही बनी हुई है। हिंदी, भोजपुरी, तेलुगु, उड़िया और बृज जैसी कई भाषाओं में फिल्में करने वाले अरुण पिछले काफी समय से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से दूर हैं। 

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