दैनिक भास्कर हिंदी: Kangana Vs Shivsena: कंगना के ने कहा था- उखाड़ो मेरा क्या उखाड़ोगे? दफ्तर तोड़ने के बाद 'सामना' में शिवसेना ने कहा- उखाड़ दिया

September 10th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कंगना के दफ्तर पर बीएमसी का बुलडोजर चलने बाद आज शिवसेना के मुखपत्र सामना ने 'उखाड़ दिया' की हेडिंग से अपनी लीड खबर बनाई है। इस अखबार की हेडिंग में बोल्ड अक्षरों से लिखा है 'उखाड़ दिया'। शिवसेना ने इस शीर्षक के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि कंगना रनौत के टि्वर पर शिवसेना को दी गई चुनौती का ही नतीजा था कि उसकी सरकार ने अभिनेत्री का ऑफिस तोड़ डाला। दरअसल, कंगना ने हाल ही में ट्विटर पर लिखा था, 'किसी के बाप का नहीं है महाराष्ट्र, महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया है। और मैं डंके की चोट पे कहती हूं हां मैं मराठा हूं, उखाड़ो मेरा क्या उखाड़ोगे?'

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ का यह शीर्षक इस बात का संकेत है कि महाराष्ट्र में कोई भी व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति खुलकर नहीं रख सकता और यदि वह ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ शिवसेना पूरी बेशर्मी के साथ किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है। हालांकि कंगना रनौत इन सब के बाद ट्विटर पर और ज्यादा मजबूती से महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है। बुधवार को कंगना ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगा। इसके बाद आज गुरुवार को भी उन्होंने उद्धव ठाकरे के खिलाफ कई ट्वीट किए और उन्हें वंशवाद का नमूना तक बता डाला। 

क्या कहा कंगना ने?
-जिस विचारधारा पे श्री बाला साहेब ठाकरे ने शिव सेना का निर्माण किया था आज वो सत्ता केलिए उसी विचारधारा को बेच कर शिव सेना से सोनिया सेना बन चुके हैं, जिन गुंडों ने मेरे पीछे से मेरा घर तोड़ा, उनको सिविक बॉडी मत बोलो, संविधान का इतना बड़ा अपमान मत करो।

-तुम्हारे पिताजी के अच्छे कर्म तुम्हें दौलत तो दे सकते हैं मगर सम्मान तुम्हें खुद कमाना पड़ता है, मेरा मुंह बंद करोगे मगर मेरी आवाज़ मेरे बाद सौ फिर लाखों में गूंजेगी, कितने मुँह बंद करोगे? कितनी आवाज़ें दबाओगे? कब तक सच्चाई से भागोगे तुम कुछ नहीं हों सिर्फ़ वंशवाद का एक नमूना हो।

-मैं इस बात को विशेष रूप से शपष्ट करना चाहती हूं की महाराष्ट्र के लोग सरकार द्वारा की गयी गुंडागर्दी की निंदा करते हैं, मेरे मराठी शुभचिंतकों के बहुत फ़ोन आ रहे हैं, दुनिया या हिमाचल में लोगों के दिल में जो दुःख हुआ है वो यह कतई ना सोचों की मुझे यहां प्रेम और सम्मान नहीं मिलता।

-मेरे कई मराठी दोस्त कल फ़ोन पे रोए,कितनों ने मुझे सहायता हेतु कई सम्पर्क दिए, कुछ घर पे खाना भेज रहे थे जो मैं सिक्यरिटी प्रोटोकॉल्ज़ के चलते स्वीकार नहीं कर पायी, महाराष्ट्र सरकार की इस काली करतूत से दुनिया में मराठी संस्कृति और गौरव को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। जय महाराष्ट्रा 

-अब कंगना रनौत ने ट्विटर पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। कंगना लिखा है कि ये मेरी फेवरेट तस्वीर है। ये तस्वीर मेरे आश्रम ईशा योगा सेंटर की है। ये तस्वीर अचानक ली गई लेकिन इसमें बदलाव बड़ी ही खूबसूरती के साथ दिखा।

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