comScore

SSR death: रिया चक्रवर्ती की याचिका पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा, क्या सुशांत केस पटना से मुंबई होगा ट्रांसफर?

SSR death: रिया चक्रवर्ती की याचिका पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा, क्या सुशांत केस पटना से मुंबई होगा ट्रांसफर?

डिजटल डेस्क, मुंबई। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई पूरी कर लीं। सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने सभी पक्षों को अपनी दलीलों पर संक्षिप्त नोट जमा करवाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को इस पर अपना फैसला सुनाएगा। जस्टिस ह्रषिकेश रॉय की सिंगल बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। बता दें कि रिया चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में केस को पटना से मुंबई ट्रांसफर कराने की अपील की थी। 

क्या कहा सुशांत सिंह की फैमिली के वकील ने?
बिहार सरकार की तरफ से सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह, महाराष्ट्र सरकार की तरफ से एएम सिंघवी, श्याम दिवान रिया की तरफ से और विकास सिंह ने सुशांत सिंह की फैमिली का पक्ष रखा। विकास सिंह ने कोर्ट में कहा, बिहार पुलिस को केस दर्ज करने का अधिकार है क्योंकि मुंबई पुलिस मामले की सही जांच नहीं कर रही थी। ये बात शिकायत में साफ तौर पर कही गई है। सुशांत की बॉडी को नीचे किसने उतारा ये किसी ने भी नहीं देखा। जिस पिता ने अपने बेटे को खोया उसने जब बिहार में FIR दर्ज कराई और बिहार पुलिस के अफसर जांच के लिए मुंबई पहुंचे तो उन्हें क्वारनटीन कर दिया गया। विकास सिंह ने कहा, 3 अगस्त को बीएमसी का क्वारनटीन प्रोटोकोल रुल बदल गया। 

क्या कहा रिया के वकील ने?
रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान से जज ने पूछा कि आपने खुद याचिका में कहा कि आप सीबीआई जांच चाहते हैं। क्या यह सही है? इस पर दीवान ने कहा, 'हां लेकिन हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं। जिस तरह से जांच CBI को दी गई, उस पर हमें शक है। पहले मामला मुंबई पुलिस को दिया जाए। फिर बाद में तय हो। श्याम दिवान ने कहा कि पटना में FIR दर्ज की गई जबकि वहां घटना ही नहीं हुई थी। 38 दिनों की देरी से FIR दर्ज कराई गई। अगर मामले का ट्रांसफर पटना से मुंबई नहीं होता तो रिया को इंसाफ नहीं मिल पायेगा। FIR दर्ज होने के पीछे राजनीतिक वजह है। श्माम दीवान ने कहा कि रिया चक्रवर्ती सुशांत से प्यार करती थी। वे उनकी मौत के बाद सदमे में हैं।

क्या कहा महाराष्ट्र सरकार के वकील ने?
महाराष्ट्र सरकार के वकील सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का FIR दर्ज कर जांच करने को गलत बताया। सिंघवी ने कहा- देश मे संघीय ढांचा है। क्या शिकायतकर्ता की सुविधा के लिए कहीं भी केस दर्ज कर लिया जाएगा? उन्होंने CBI जांच की सिफारिश और केंद्र सरकार के इसे मान लेने को भी गलत बताया। महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा, घटना जहां पर हुई है उस राज्य की सहमति सीबीआई जांच के लिए जरूरी है। SC चाहे तो FIR को एक राज्य से दूसरे राज्य या एजेंसी को ट्रांसफर कर सकता है। लेकिन इस मामले में जो हुआ है वह ग़ैरकानूनी है।

क्या कहा बिहार सरकार के वकील ने?
बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस 25 जून के बाद भी बयान दर्ज करती रही। अगर आप किसी केस में जांच के लिए किसी को बुलाते हैं तो FIR का होना जरूरी है। इकलौती एफआईआर पटना पुलिस ने दर्ज की> ऐसा लगता है कि मुंबई पुलिस पर मामले को ढंकने के लिए दबाव है। जांच के लिए गई बिहार की टीम को जबरन क्वारंटीन कर दिया गया। यह किस तरह का रवैया है? मनिंदर सिंह ने कहा, मुंबई पुलिस ने सिर्फ मीडिया को दिखाने के लिए जांच का दिखावा किया। हकीकत में कोई जांच नहीं की।

कमेंट करें
uHbed