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Bollywood: अनुराग कश्यप की बेटी आलिया को मिल रही जान से मारने की धमकी, बिकनी पहनकर इंस्टा पर शेयर की थी फोटो

Bollywood: अनुराग कश्यप की बेटी आलिया को मिल रही जान से मारने की धमकी, बिकनी पहनकर इंस्टा पर शेयर की थी फोटो

डिजिटल डेस्क, भोपाल। बॉलीवुड सेलेब्स को ट्रोलिंग करने जैसी खबरे अब कोई नई बात नहीं रह गई है। हम आए दिन ऐसी खबरें पड़ते और सूनते हैं, जहां सोशल मीडिया पर सेलेब्स को और उनके किड्स को ट्रोल किया जाता है। हाल ही में फिल्म मेकर अनुराग कश्यप की बेटी आलिया के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। 

दरअसल, आलिया ने कुछ समय पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लॉन्जरी में तस्वीरें पोस्ट की थीं, इसके बाद से ही आलिया को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो उन्हें जान से मारने तक की धमकी दे डाली। इन सबसे परेशान होकर आलिया ने यू-ट्यूब पर एक वीडियो शेयर किया है।

मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
आलिया ने वीडियो में कहा कि कैसे ये सब उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। उन्होंने बताया कि वह एक सेंसिटिव इंसान हैं जो बहुत जल्दी हेट कमेंट से प्रभावित हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो सोशल मीडिया की वजह से हो रही नेगेटिविटी से लड़ने के लिए भी कई कोशिशें कर रही हैं।

लोग मुझे रेप की धमकी दे रहे: आलिया
आलिया ने कहा, 'जब मैंने लॉन्जरी में फोटो शेयर की थी तो लोगों ने मुझे कहा कि मुझे शर्मिंदा होना चाहिए कि मैं भारतीय हूं और मैं इस तरह की फोटो शेयर कर रही हूं। लोग मुझे रेप की धमकी दे रहे थे। मुझसे गंदे नामों से बुला रहे थे और मुझसे मेरा ‘रेट’ पूछ रहे थे। मुझे जान से मारने की धमकी भी दी गई।'

फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने का मेरा कोई इरादा नहीं
वीडियो में आलिया ने यह भी साफ कर दिया कि उनका ऐसा करके फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं बॉलीवुड ग्लैमर के साथ बड़ी नहीं हुई हूं। मेरे पापा जो फिल्में बनाते हैं, वे बहुत कमर्शियल नहीं होतीं। मैं स्पष्ट रूप से अपने मम्मी-पापा को देखते हुए बड़ी हुई हूं। लेकिन मेरे लिए ये सामान्य है। मैं इससे मोहित नहीं हुई हूं।मेरे लिए ऐसा नहीं है, ओह माय गॉड, यह बॉलीवुड है। मैं ये नहीं करना चाहती हूं, मैं इससे दूर रहने की कोशिश कर रही हूं।

बेटी के लॉन्च को लेकर अनुराग कश्यप ने क्या कहा
थोड़े दिन पहले जब अनुराग से बेटी को बॉलीवुड में लॉन्च करने के बारे में सवाल पूछा था, तब उन्होंने कहा था कि अभी वह यंग है। वह खुद फैसला कर सकती है कि उन्हें क्या करना है। हालांकि अभी आलिया को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। ऐसा नहीं हो सकता कि वह एक दिन अचानक मेरे पास आए और कहे कि मैं एक्टिंग करना चाहती हूं।

मैं जैसी फिल्में बनाता हूं, उनमें वह फिट नहीं होगी: अनुराग
उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि आलिया को अगर एक्टिंग करनी है तो उन्हें एक्टिंग सीखनी होगी। खूब स्ट्रगल करना होगा। कई ऑडिशन देने होंगे और खुद अपनी मेहनत से अपने लिए कोई किरदार हासिल करना होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं जैसी फिल्में बनाता हूं, उनमें वह फिट हो सकती है। वह शहर में रही है और मेरी तरह स्ट्रीट किड नहीं हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।