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Mercedes-Maybach GLS 600 एसयूवी भारत में हुई लॉन्च, शुरुआती कीमत 2.43 करोड़ रुपए

Mercedes-Maybach GLS 600 एसयूवी भारत में हुई लॉन्च, शुरुआती कीमत 2.43 करोड़ रुपए

हाईलाइट

  • 2.43 करोड़ रुपए शुरुआती कीमत है
  • 4.0-लीटर का V8 इंजन दिया गया है
  • एसयूवी को सीबीयू के तहत बेचा जाएगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जर्मनी की वाहन निर्माता कंपनी Mercedes benz (मर्सिडीज बेंज) ने भारत में लग्जरी एसयूवी Maybach GLS600 (मेबैक जीएसएस600) को लॉन्च कर दिया है। इस एसयूवी को सीबीयू (completely built-up) के माध्यम से बेचा जाएगा। इस वजह से इसकी कीमत में काफी वृद्धि की गई है। बता दें, GLS600 मर्सिडीज-मेबैक लाइन-अप में ब्रांड की पहली एसयूवी है, जिसे पहली बार वर्ष 2019 में ग्लोबली पेश किया गया था।

बात करें कीमत की तो Mercedes-Maybach GLS600 को भारतीय बाजार में 2.43 करोड़ रुपए की शुरुआती कीमत के साथ लांच किया गया है। इसमें कई सारे लेटेस्ट फीचर्स दिए गए हैं और देखने में यह पहले से अधिक लग्जरी प्रीमियम नजर आती है। आइए जानते हैं इस एसयूवी के बारे में...

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एक्सटीरियर
Mercedes-Maybach GLS600 एसयूवी में स्टैंडर्ड मॉडल की तुलना में कई सारे बदलाव किए गए हैं। इसमें क्रोम फिनिश दी गई है, जिसमें बड़े वर्टिकल स्लेट ग्रिल, विंडो लाइन, साइड-स्टेप, फ्रंट और रियर बंपर पर डिजाइन एक्सेंट, रूफ रेल और एग्जॉस्ट टिप्स शामिल हैं। इस SUV में बड़े 22-इंच या 23-इंच ब्रश वाले मल्टी-स्पोक व्हील्स दिए गए हैं, जो कि ड्यूल-टोन पेंट स्कीम के साथ आते हैं। 

इंटीरियर
बात करें इसके इंटीरियर की तो इसके डैशबोर्ड के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन बेहतर फीलिंग के लिए इसमें इंसर्ट और फ़िनिशर के साथ नप्पा लेदर का उपयोग किया गया है। इसमें ट्विन 12.3-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और टचस्क्रीन में मेबैक यूनिक ग्राफिक्स और फ़ंक्शन दिए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव रियर में है। इसकी तीसरी पंक्ति को हटा दिया गया है जबकि दूसरी पंक्ति में अधिक जगह के लिए पीछे किया गया है। यानी कि अब यह एक 5 सीटर एसयूवी है। इसमें 4-सीट लेआउट चुनने का विकल्प भी दिया गया है, जो कि इलेक्ट्रिक एडजस्ट के साथ आती हैं। 

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इंजन और पावर
Mercedes-Maybach GLS600 में 4.0-लीटर का V8 इंजन दिया गया है। यह इंजन 550bhp की अधिकतम पावर और 730Nm का पीक टॉर्क पैदा करता है। इस इंजन में एक एकीकृत EQ बूस्ट स्टार्टर-जनरेटर भी है जो 21bhp और 249Nm टार्क का सपोर्ट करता है। इस इंजन को 9G-TRONIC ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से जोड़ा गया है। 

बात करें इसकी रफ्तार की तो Maybach GLS600 एसयूवी महज 4.9 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 250 किमी प्रति घंटा है। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।