- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- भोपाल
- /
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान...
भोपाल किसान आंदोलन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, कहा - 'राज्य बढ़ाएं मूंग खरीदी की मात्रा'

डिजिटल डेस्क, भोपाल। ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी, ई-टोकन सिस्टम खत्म करने की मांगों को लेकर बुधवार को भोपाल में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने भोपाल में नर्मदापुरम रोड पर एम्प्री के सामने भोपाल पुलिस द्वारा तीन लेयर में लगाई गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ गए। बैरिकेडिंग उखाड़ने के दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। आंदोलित किसानों ने बुधवार को एम्प्री के पास लगाए गए बैरिकेड की तीन लेयर को अपराह्न लगभग 4 बजे बारी-बारी से उखाड़ दी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसमें कुछ किसानों के कपड़े फट गए। बैरिकेडिंग के तौर पर लगाई गई बसों को भी धक्का देकर रास्ता बना लिया और मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए आगे बढ़ गए। पुलिस ने संयम से काम लिया, किसी भी किसान के साथ बल प्रयाेग नहीं किया। पुलिस को स्पष्ट निर्देश थे कि बल प्रयोग नहीं करना है। जब बैरिकेडिंग तोड़कर किसान आगे बढ़े तो पुलिस ने रास्ता खोल दिया। एम्प्री से रोशनपुरा चौराहा तक करीब 6 किमी किसान पैदल चलते गए। बीच में लिंक रोड़-1 पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले के सामने किसानों ने जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और घेराव कर लिया। हालांकि चौहान के बंगले पर भारी सुरक्षा बल तैनात था और बंगले का फ्रंट पोर्शन बसों से कवर कर दिया गया। चौहान के घर के बाहर नारेबाजी के बाद किसान आगे बढ़ गए। किसान यहां से नारेबाजी करते हुए रोशनपुरा पहुंचे। यहां भी भारी पुलिस बल सेफ्टी जैकेट, लाठी-डंडों के साथ तैनात रही। यहां से मुख्यमंत्री निवास लगभग 1 किमी दूर है। बाणगंगा चौराहा पर पुलिस ने रास्ता रोक दिया। रास्ते में बसें और गिट्टी से भरे हाइवा डंपर खड़े कर बैरिकेडिंग की।
इसी बीच किसानों की मांगों का समाधान निकालने के लिए राज्य मंत्रालय में मंत्रियों की कमेटी ने किसान संगठनों के 15 प्रतिनिधियों-नेताओं के साथ बातचीत की। समाचार लिखे जाने तक किसान, रोशनपुरा चौराहा पर एकत्रित होकर बैठे हैं। मंत्री समूह के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक का फिलहाल नतीजा नहीं आया।
समिति ने 16 किसान संगठनों से की बातचीत
बुधवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि किसानों से जुड़े विषयों को लेकर मंत्रियों की समिति गठित कर दी है। समिति किसानों से बातचीत कर हल निकालेगी। समिति में कृषि मंत्री कंषाना, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर है। समिति ने देर शाम मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 16 किसान संगठनों के प्रतिनिधि मंडल से मंत्रालय में चर्चा की। किसान प्रतिनिधि के तौर पर संतोष पटवारे, भारतीय किसन यूनियन, लीलाधर सिंह राजपूत, क्रांतिकारी किसान मजदूर संघ, गजानंद जाट, किसान स्वराज संगठन, राजेश धाकड़, किसान महापंचायत, गणेश गौर, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ, प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, दीनेश लेगा, आम किसान यूनियन हरदा, दीपक जाट क्रांतिकारी किसान आर्मी संगठन, दीपक चौहान, जन सर्वोदय किसान संगठन, सुनिल सिंह राजपूत किसान आक्रोश मोर्चा, प्रमोद सिंह तोमर, किसान स्वराज संगठन, संतोष मीणा, किसान सेवा संघ, श्रवण कुमार, किसान स्वराज संगठन, रामनिवास, राष्ट्रीय किसान स्वराज मोर्चा और महेश चौधरी-भरत पटेल भारतीय किसान संघ ने मंत्री समूह के साथ शामिल रहे।
चौहान ने मुख्यमंत्री को लिखा, 60 हजार मीट्रिक टन खरीदी ही हुई
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा। ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के लिए अनुमानित उत्पादन की अधिकतम सीमा 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग की खरीद मप्र के लिए पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है जो इस विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों की खरीद के लिए स्वीकृत कुस 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग की मात्रा की स्वीकृति 87 प्रतिशत है। यह देश में सर्वाधिक होकर मप्र को मिली है। उन्होंने लिखा कि कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने मुझे लिखे पत्र में बताया कि 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य केंंद्र ने दिया है। वास्तविकता यह है कि केंद्र द्वारा किसी भी प्रकार का खरीदी का लक्ष्य प्रदान नहीं किया जाता है। पीएम-आशा योजना के अतर्गत उपार्जन के लिए पीएसएस दिशानिर्देशों में 25 प्रतिशत की सीमा स्वीकृति दी जाती है। चौहान ने मुख्यमंत्री को लिखा कि केंद्र सरकार राज्यों में पीएम-आशा योजना के तहत ही मूंग खरीदी की स्वीकृति दी जाती है। मूल्य समर्थन योजना के तहत मप्र को लगातार अधिकतम समर्थन दिया गया है। 25 प्रतिशत के अतिरिक्त खरीदी की अनुमति तभी दी जाएगी जब किसी दिए गए राज्य में केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य उत्पादन के 25 प्रतिशत की खरीद समाप्त हो जाएगी। अखिल भारतीय उत्पादन के 25% पर वस्तु की अतिरिक्त मात्रा की खरीद के लिए प्रक्रिया की जांच एवं निर्णय सचिवों की समिति (सीओएस) लेगा। केंद्र को 29 जुलाई तक के मिले आंकड़ों के अनुसार राज्य में मूंग खरीदी लगभग 60 हजार मीट्रिक टन है। किसानों के हित के लिए राज्य सरकार मूंग खरीदी जल्द तय करें।
कांग्रेस ने बरसाए फुल, कहा नीतियों के खिलाफ है आक्रोश
किसान जब प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंचे तो कांग्रेस ने किसानों का स्वागत फुल बरसाकर किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि किसान भाजपा सरकार की नीतियों से गहरे आक्रोश में है। किसान मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, खाद की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों के हितों की रक्षा तथा केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। ये कोई राजनीतिक मांगें नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और आजीविका से जुड़े बुनियादी प्रश्न हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अहंकार में डूबी सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही। कमेटी बनाकर समय टालने से समाधान नहीं होगा।
Created On :   29 July 2026 9:18 PM IST












